प्राचीन भारत

प्राचीन भारतीय इतिहास : 7 – ऋग्वैदिक कालीन साहित्य

ऋग्वेद विश्व के इतिहास की सबसे पुरानी पुस्तक है। ऋग्वेद की रचना ऋग्वैदिक काल में हुई बाकी तीनों वेद यजुर्वेद, सामवेद, अथर्ववेद की रचना उत्तर वैदिक काल में हुई। वेदांग, पुराण, उप-पुराण, आरण्यक, उपनिषद, आदि की रचना भी उत्तर वैदिक काल में ही हुई। ऋग्वेद ऋग्वेद विश्व की प्राचीनतम पुस्तक है, इसमें 10 मंडल और 

प्राचीन भारतीय इतिहास : 6 – ऋग्वैदिक काल का रहन सहन और अर्थव्यवस्था

राजनीतिक स्थिति ऋग्वेदिक राजनितिक व्यवस्था काफी सरल थी, यह कबीलाई व्यवस्था थी। आर्य राज्यों की बजाय कबीलों में संगठित थे। इसमें बड़े राज्य का निर्माण दृष्टिगोचर नहीं होता, यह एक जनजातीय सैन्य लोकतंत्र था। इसकी शक्ति का मुख्य स्त्रोत कबीले की परिषद् थी। प्रशासन की बाग़डोर कबीले के मुखिया के हाथ में होती थी। कबीले

प्राचीन भारतीय इतिहास : 5 – सिंधु घाटी सभ्यता की जीवन शैली तथा रहन सहन

नगर व्यवस्था सिन्धु घाटी सभ्यता विश्व की प्राचीनतम नगर सभ्यताओं में से एक है। सिन्धु घाटी सभ्यता में नगरों का निर्माण काफी कुशल व सुनियोंजित तरीके से किया गया था। इसमें जल निकासी की उचित व्यवस्था थी और यह नगर ग्रिड पद्धति के आधार पर बना था। नगरों के निर्माण में पक्की ईंटो का निर्माण

प्राचीन भारतीय इतिहास : 4 – सिंधु घाटी सभ्यता के प्रमुख स्थल

हड़प्पा सिन्धु घाटी सभ्यता में हड़प्पा की खोज सबसे पहले की गयी थी, इस कारण इसे हड़प्पा संस्कृति भी कहा जाता है। वर्तमान में हड़प्पा पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में साहिवाल के पश्चिम में 24 किलोमीटर दूर स्थित है। प्राचीन हड़प्पा का अनुमानित क्षेत्रफल लगभग 150 हेक्टेयर था। हड़प्पा में दो प्रमुख टीले हैं –

प्राचीन भारतीय इतिहास : 3 – सिंधु घाटी सभ्यता

सिन्धु घाटी सभ्यता विश्व की प्राचीनतम सभ्यताओं में से एक है, इसका अनुमानित समय काल 2500 ईसा पूर्व से 1900 ईसा पूर्व है। सिन्धु घाटी सभ्यता कांस्ययुगीन (ब्रोंज ऐज) थी।  इसे हड़प्पा सभ्यता के नाम से भी जाना जाता है। यह सभ्यता नगरीय थी। इस सभ्यता का विस्तार भारत के पश्चिम व उत्तर पश्चिम तथा

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