अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) :शिपिंग से ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन को कम करने हेतु समझौता किया गया

अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) के सदस्यों द्वारा हाल ही में 2050 तक शिपिंग से ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन को रोकने हेतु समझौता किया गया । यह समझौता इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भविष्य में 2050 तक शिपिंग उद्योग से कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन की मात्रा वैश्विक व्यापार बढ़ने के साथ नाटकीय रूप से बढ़ने की उम्मीद है।

मुख्य तथ्य

० यह क्षेत्र कुल वार्षिक कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन में लगभग 3% योगदान देता है।
० वर्तमान में, जहाज भारी डीजल जैसे कार्बन समृद्ध ईंधन पर अधिक निर्भर हैं।
० जब जहाजों द्वारा भारी तेलों का उपयोग किया जाता है तो यह ब्लैक कार्बन, कार्बन मोनोऑक्साइड, कार्बन डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड और हाइड्रोकार्बन उत्सर्जित करता है।
० आईएमओ संयुक्त राष्ट्र की एक विशेष एजेंसी है जो शिपिंग सुरक्षा और जहाजों द्वारा समुद्री प्रदूषण की रोकथाम हेतु कार्य करती है।

ग्रीनहाउस गैस वायुमंडल में एक प्रकार की गैस होतीं है जो थर्मल इन्फ्रारेड रेंज के भीतर दीप्तिमान ऊर्जा को अवशोषित और उत्सर्जित करती है। यह प्रक्रिया ग्रीनहाउस प्रभाव का मौलिक कारण है। पृथ्वी के वायुमंडल में प्राथमिक ग्रीनहाउस गैस जल वाष्प, कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन, नाइट्रस ऑक्साइड, और ओजोन हैं।

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Comments

  • Ak singh
    Reply

    Very nice

    • Vaibhav

      Thanks for comment.Keep visit the site..