आतंकवादी समूहों के खिलाफ कार्रवाई करने में विफलता के बावजूद पाकिस्तान को एफएटीएफ ग्रे सूची में एक और विस्तार मिला

फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) के शोधन के कार्य समूह की बैठक में पाकिस्तान फिर से ‘ब्लैकलिस्ट’ में प्रवेश करने से बच गया। जबकि पाकिस्तान लगातार आतंकवादी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करने में असफल रहा है।

FATF प्लेनरी और वर्किंग ग्रुप्स की बैठक मूल रूप से बीजिंग, चीन में आयोजित होने वाली थी, लेकिन COVID-19 वैश्विक महामारी के कारण, यह वर्चुअल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई।

चीन के FATF चेयरमैनशिप के तहत, यह निश्चित था कि एफएटीएफ प्लेनरी और वर्किंग ग्रुप की अगली बैठक तक पाकिस्तान को एक और विस्तार दिया जाएगा।

पृष्ठभूमि

जून 2018 में अपनी प्लेनरी मीटिंग के दौरान एफएटीएफ द्वारा दी गई 27-सूत्रीय कार्रवाई को लागू करने में पाकिस्तान के प्रदर्शन की समीक्षा जून 2020 प्लेनरी मीट के दौरान की गई थी। पाकिस्तान को 27-पॉइंट एक्शन प्लान को लागू करने के लिए एक वर्ष से अधिक समय दिया गया, लेकिन पाकिस्तान 27 एक्शन-पॉइंट्स में से 22 को लागू करने में विफल रहा, यह अक्टूबर 2019 में एफएटीएफ की पूर्ण बैठक के दौरान सूचित किया गया था।

अक्टूबर 2019 की बैठक में, पाकिस्तान को फरवरी 2020 तक शेष सभी 22 कार्रवाई बिंदुओं को लागू करने के लिए एक विस्तार दिया गया था। फरवरी 2020 में, पाकिस्तान FATF के कुल 27 एक्शन-पॉइंट्स में से 13 को लागू करने में विफल रहा, जिसके परिणामस्वरूप एक और विस्तार जून 2020 तक दिया गया।

फाइनेंशियल एक्शन टास्क फ़ोर्स (FATF)

फाइनेंशियल एक्शन टास्क फ़ोर्स धन शोधन पर एक अंतरसरकारी संगठन है। इसकी स्थापना 1989 में की गयी थी। इसका मुख्यालय फ्रांस की राजधानी पेरिस में स्थित है। वर्तमान में इसके अध्यक्ष शियांगमिन लिऊ  हैं। इसकी स्थापना का शुरूआती उद्देश्य धन शोधन का सामना करने के लिए नीति निर्माण करना था। वर्ष 2001 में इसके कार्यक्षेत्र में आतंकवादी फंडिंग को भी शामिल किया गया। वर्तमान में इसमें 38 सदस्य देश शामिल हैं।

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