इसरो ने डॉ. विक्रम साराभाई की जन्म शताब्दी के अवसर पर कार्यक्रम लांच किये

भारतीय अन्तरिक्ष अनुसन्धान संगठन (इसरो) ने 12 अगस्त, 2019 से वर्ष भर चलने वाले कार्यक्रम लांच किये हैं। कार्यक्रम का आरम्भ अहमदाबाद में गुजरात यूनिवर्सिटी के कन्वेंशन हॉल में हुआ, इसमें इसरो, अन्तरिक्ष विभाग तथा परमाणु उर्जा विभाग के गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर डॉ. विक्रम साराभाई की स्मृति में सिक्के जारी किये गये।  इस अवसर पर “स्पेस ऑन व्हील्स” नामक प्रदर्शनी भी आयोजित की गयी। इसरो ने डॉ. विक्रम साराभाई के जीवन पर कॉफ़ी टेबल बुक तथा फोटो एल्बम भी जारी की।  इस कार्यक्रम का समापन 12 अगस्त, 2020 को तिरुवनंतपुरम में होगा।

रोचक तथ्य : भारत में मिशन चंद्रयान-2 के लैंडर का नाम डॉ. विक्रम साराभाई के नाम पर “विक्रम” रखा गया है।

डॉ. विक्रम साराभाई

  • उनका जन्म 12 अगस्त, 1919 को अहमदाबाद में हुआ था।
  • उन्होंने गुजरात कॉलेज तथा यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैंब्रिज से अपनी पढ़ाई पूरी की।
  • इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट, अहमदाबाद की स्थापना में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
  • उन्हें शांति स्वरुप भटनागर पुरस्कार (1962) पद्म भूषण (1966) तथा पद्म विभूषण (1972) से सम्मानित किया गया था।
  • वे 1962 में भारतीय विज्ञान कांग्रेस के भौतिकविज्ञान सेक्शन के अध्यक्ष रहे। 1970 में वे अंतर्राष्ट्रीय परमाणु उर्जा एजेंसी की जनरल कांफ्रेंस के अध्यक्ष रहे। 1966-71 के बीच वे भारतीय परमाणु उर्जा आयोग के चेयरमैन रहे। वे स्पेस एप्लीकेशन्स सेंटर (1963-71) के संस्थापक व चेयरमैन थे।
  • डॉ. विक्रम साराभाई का निधन 30 दिसम्बर, 1971 को केरल के तिरुवनंतपुरम में हुआ था।

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