इसरो ने सैटेलाइट असेम्बल करने के लिए तीन निजी कंपनियों से किया अनुबंध

यू.आर. राव सैटेलाइट सेण्टर (URSC), इसरो के नोडल सैटेलाइट डिवीज़न तीन निजी कंपनियों के साथ स्पेसक्राफ्ट असेम्बली इंटीग्रेशन एंड टेस्टिंग (AIT) के कार्य को आउटसोर्स करने के लिए अनुबंध (contract) किया। यह अनुबंध अल्फा डिजाईन टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड और इसके समूह के 6 सदस्य, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड हैदराबाद के साथ किया गया।

मुख्य बिंदु

इस अनुबंध का मुख्य लक्ष्य स्पेसक्राफ्ट असेम्बली, एकीकरण और परीक्षण जैसे कार्यों में भारतीय स्पेसक्राफ्ट उद्योग को शामिल करना है। यह तीनों फर्म इसरो के URSC के साथ मिलकर हर साल 3 छोटे से मध्यम आकार के सैटेलाइट का निर्माण करेंगी,  इस प्रकार जुलाई 2021 कुल मिलाकर 27 सैटेलाइट निर्मित किये जायेंगे। प्रत्येक फर्म से 50 सदस्य URSC के इंजिनियरों के साथ मिलकर इस प्रोजेक्ट को पूरा करेंगे।

यू.आर. राव सैटेलाइट केंद्र (URSC)

URSC को पहले इसरो सैटेलाइट केंद्र कहा जाता था, इसका नाम अप्रैल, 2018 में डॉ. उडुपी रामचंद्र राव के नाम पर रखा गया। डॉ. यू.आर. राव इसरो के भूतपूर्व चेयरमैन तथा ISAC के संस्थापक निदेशक थे। URSC सभी भारतीय उपग्रहों के डिजाईन, विकास व टेस्टिंग के लिए इसरो का नोडल केंद्र है।  इसकी स्थापना 1972 में की गयी थी, यह कर्नाटक के बेंगलुरु में स्थित है। URSC ने आज तक वैज्ञानिक, संचार, नौसंचालन तथा रिमोट सेंसिंग के लिए 100 से अधिक सैटेलाइट निर्मित किये हैं।

Month:

Categories:

Tags: , , ,

« »

Advertisement

Comments