“उत्कर्ष 2022” को फाइनलाइज किया गया

भारतीय रिज़र्व बैंक ने हाल ही में तीन वर्षीय रोडमैप को फाइनलाइज किया है, इसे “उत्कर्ष 2022” नाम दिया गया है। इसका उद्देश्य केन्द्रीय बैंक के रेगुलेशन तथा पर्यवेक्षण में सुधार करना है। यह मध्यम अवधि वाली योजना विश्व भर के केन्द्रीय बैंकों की रेगुलेटरी मैकेनिज्म को मजबूत करने की योजना की तर्ज़ पर तैयार की गयी है। आरबीआई बोर्ड ने जुलाई 2019 से जून 2020 की अवधि के लिए बजट को भी मंज़ूरी दे दी है।

अगले तीन वर्षों के लिए विभिन्न मुद्दों को चयन करने के लिए एक आंतरिक समिति का गठन किया गया था, इस समिति में विरल आचार्य भी शामिल थे। “उत्कर्ष 2022” का उद्देश्य ऋण डिफ़ॉल्ट जैसे मामलों को कम करना है।

भारतीय रिज़र्व बैंक

भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के प्रावधानों के अनुसार 1 अप्रैल 1935 को भारतीय रिज़र्व बैंक की स्थापना हुई थी। शुरू में रिज़र्व बैंक का केंद्रीय कार्यालय कोलकाता में स्थापित किया गया था लेकिन 1937 में स्थायी रूप से इसे मुंबई में हस्तांतरित कर दिया गया था। केंद्रीय कार्यालय वह स्थान है, जहां गवर्नर बैठता है तथा जहां नीतियां तैयार की जाती हैं। 1949 मे राष्ट्रीयकरण के बाद से रिज़र्व बैंक पूरी तरह से भारत सरकार के स्वामित्व में है।

भारतीय रिज़र्व बैंक के प्राथमिक कार्य

  • विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999 को प्रबंधित करना
  • मौद्रिक नीति तैयार करना, कार्यान्वयन और निगरानी करना
  • बैंकिंग संचालन के मापदंडों को निर्धारित करना
  • केन्द्रीय और राज्य सरकार के लिए मर्चेंट बैंकिंग फ़ंक्शन

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