केंद्र ने सभी के लिए 2024 तक स्वच्छ पेयजल प्रदान करवाने का लक्ष्य निर्धारित किया

केंद्र सरकार ने 2024 तक देश में सभी लोगों को स्वच्छ पेयजल की सुविधा प्रदान करने का लक्ष्य रखा है। 2024 तक 100% घरों को पाइप के द्वारा पेयजल मुहैया करवाया जायेगा।

मुख्य बिंदु

भारत में पिछले कुछ समय पर प्रति व्यक्ति जल उपलब्धता में कमी आई है। 1950 में प्रति व्यक्ति जल उपलब्धता 5,000 लीटर थी, अब यह कम होकर 1400 लीटर ही रह गयी है। 1950 के बाद जनसख्या में तीन गुना इजाफा हुआ है जबकि जल की उपलब्धता कमी आई है।

उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखण्ड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता 5% से भी कम है। सिक्किम देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जहाँ पर 99% घरों में नल के द्वारा पानी पहुँचाया गया है।

आवश्यकता

भारत में ग्रामीण क्षेत्र कृषि तथा घरेलु उपयोग के लिए मानसून पर निर्भर है, इसलिय जल के स्थायी साधन  व जल संरक्षण की काफी अधिक आवश्यकता है। जल की मांग व आपूर्ति के बीच अंतर काफी अधिक है। नव गठित जल मंत्रालय ने अधिसूचित करके कहा है कि घरों को पाइप के द्वारा पानी पहुंचाने के साथ-साथ जल संरक्षण पर भी अधिक बल दिया जायेगा। भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची के मुताबिक “जल’ का विषय राज्य सूची में आता है।

जल शक्ति मंत्रालय

केंद्र सरकार ने “जल शक्ति” नामक नए मंत्रालय का निर्माण किया है, इस मंत्रालय का निर्माण जल संसाधन, नदी विकास व पुनर्जीवन मंत्रालय व पेयजल व स्वच्छता मंत्रालय का विलय करके किया गया है। इसके द्वारा जल प्रबंधन व विनियमन एक भी विभाग द्वारा किया जाएगा।

2014 में नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में बनीं सरकार ने मिशन स्वच्छ गंगा को पर्यावरण व वन मंत्रालय से अलग करके जल संसाधन में शामिल किया था। 2019 लोकसभा चुनाव अभियान के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने जल सम्बन्धी मुद्दों के लिए एकीकृत मंत्रालय के निर्माण का वादा किया था।

जल मंत्रालय को भारतीय जनता पार्टी के सांसद गजेन्द्र सिंह शेखावत को सौंपा गया है जबकि राम लाल कटारिया को राज्य मंत्री नियुक्त किया गया है।

भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान “नल से जल” योजना का वादा किया गया था, इसका उद्देश्य सभी घरों में पाइप के द्वारा पेयजल उपलब्ध करना है, यह योजना सरकार के जल जीवन मिशन का हिस्सा होगी।

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