केंद्र सरकार विकसित कर रही है राष्ट्रीय लोजिस्टिक्स पोर्टल

केन्द्रीय वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय राष्ट्रीय लोजिस्टिक्स (संभार तंत्र) पोर्टल विकसित कर रही है। इसका उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय व घरेलु व्यापार को सुगम बनाना है। इस पोर्टल के द्वारा एक्सिम (आयात व निर्यात) व घरेलु व्यापार सम्बन्धी गतिविधियों को एक ही प्लेटफार्म के द्वारा जोड़ा जायेगा।

राष्ट्रीय लोजिस्टिक्स पोर्टल  

इसे कई चरणों में पूरा किया जायेगा। इसका उद्देश्य व्यापारिक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना, देश में रोज़गार उत्पन्न करना, वैश्विक रैंकिंग में भारत के प्रदर्शन में सुधार तथा भारत को लोजिस्टिक्स हब बनाना है। इसके द्वारा व्यापारियों, निर्माताओं, लोजिस्टिक्स कंपनियों, वित्तीय सेवा कंपनियों तथा सरकारी विभागों को एक प्लेटफार्म में जोड़ा जायेगा।

पृष्ठभूमि

2018-19 के बजट भाषण में केन्द्रीय वित्त मंत्री ने वाणिज्य मंत्रालय द्वारा एक ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया जायेगा जहाँ पर बिज़नस को जोड़ा जायेगा, नए अवसर उत्पन्न किये जायेंगे तथा सरकारी विभाग व प्राइवेट कंपनियों इकठ्ठा कार्य करेंगी।

लोजिस्टिक्स सेक्टर

भारत के लोजिस्टिक्स क्षेत्र काफी विकेंद्रीकृत व जटिल है। इसमें 20 से अधिक सरकारी एजेंसियां, 40 पार्टनर सरकारी एजेंसियां तथा 37 निर्यात प्रोत्साहन परिषदें इत्यादि शामिल हैं। वर्तमान में इसका मार्केट आकार लगभग 160 बिलियन डॉलर है। इसमें 200 शिपिंग एजेंसियां, 36 लोजिस्टिक्स सेवाएं, 50 आईटी इकोसिस्टम तथा बैंक व बीमा एजेंसियां शामिल हैं। सरकार का उद्देश्य 2022 तक लोजिस्टिक्स व्यय को कुल जीडीपी के 14% से घटाकर 10% करना है। आर्थिक सर्वेक्षण 2017-18 के अनुसार भारत में लोजिस्टिक्स क्षेत्र 2.2 करोड़ लोगों को आजीविका प्रदान करता है। लोजिस्टिक्स क्षेत्र में सुधार करने से अप्रत्यक्ष लोजिस्टिक्स लागत में 10% की कमी आएगी जिससे निर्यात में 5 से 8% की वृद्धि होने की सम्भावना है। इस सर्वेक्षण में अगले दो वर्षों में भारतीय लोजिस्टिक्स मार्केट के 160 बिलियन डॉलर से बढ़कर 215 बिलियन डॉलर पहुँचने का अनुमान है।

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