केन्द्रीय कैबिनेट ने जापान के साथ करेंसी स्वैप के समझौते को मंज़ूरी दी

केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने जापान के साथ 75 अरब डॉलर के करेंसी स्वैप समझौते को मंज़ूरी दे दी है। यह समझौते भारत-जापान आर्थिक संबंधों में एक मील का पत्थर है। इससे दोनों देशों के बीच आर्थिक व सामरिक सहयोग में वृद्धि होगी।

करेंसी स्वैप समझौता (मुद्रा विनिमय) क्या है?

करेंसी स्वैप समझौता एक विदेशी विनिमय समझौता है यह दो पक्षों के बीच में एक मुद्रा के बदले दूसरी मुद्रा के लिए एक निश्चित समय तक के लिए किया जाता है।

यह समझौता भारत के लिए किस प्रकार लाभदायक है?

  • करेंसी स्वैप (मुद्रा विनिमय) से भारत को आयात का भुगतान करने में आसानी होगी। इससे अवमूल्यन की समस्या भी दूर हो जाएगी।
  • चूंकि मुद्रा विनिमय में स्थानीय मुद्राओं में व्यापार किया जाता है। दोनों देशों आयात व निर्यात के लिए अपनी मुद्राओं से भुगतान करते हैं। इससे तीसरे पक्ष की मुद्रा की आवश्यकता नहीं पड़ती तथा मुद्रा विनिमय पर व्यय नहीं करना पड़ता।
  • मुद्रा विनिमय से तरलता को बेहतर बनाने में सहायता मिलती है।
  • मुश्किल समय के लिए मुद्रा विनिमय काफी उपयोगी होता है।
  • मुद्रा विनिमय से देश का भुगतान शेष भी स्थिर होता है।

इस मुद्रा विनिमय समझौते पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे के बीच पिछले वर्ष अक्टूबर में सहमती बनी थी।

Month:

Categories:

Tags: , , , , , ,

« »

Advertisement

Comments