कैलाश मानसरोवर यात्रा 2019 शुरू हुई

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हाल ही में नई दिल्ली में कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए यात्रियों के पहले जत्थे को रवाना किया। कैलाश मानसरोवर यात्रा हिन्दू धर्म के अनुयायियो के लिए काफी महत्व रखती है।

कैलाश मानसरोवर यात्रा

कैलाश मानसरोवर यात्रा को दो मार्गों से किया जा सकता है :

उत्तराखंड में लिपुलेख दर्रा : यह मार्ग पहाड़ी क्षेत्र से होकर गुज़रता है।

सिक्किम में नाथू ला दर्रा : इस मार्ग को कुछ वर्ष पहले ही खोला गया है, इस मार्ग से वाहन जा सकता है। इस मार्ग के द्वारा यात्रियों को ज्यादा पैदल नहीं चलना पड़ता। यह मार्ग वरिष्ठ नागरिकों के लिए काफी सुगम है।

इस यात्रा में भारत, नेपाल और चीन के मुश्किल क्षेत्रों से होकर गुजरना पड़ता है। इस वर्ष 18 बैच उत्तराखंड के लिपुलेख से यात्रा कर सकेंगे, प्रत्येक बैच में 60 यात्री होंगे। जबकि 10 बैच सिक्किम के नाथू ला दर्रे से होकर जायेंगे, इस बैच में 50 यात्री होंगे।

इस यात्रा का आयोजन दिल्ली, उत्तराखंड तथा सिक्किम सरकार द्वारा भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के साथ मिलकर किया जाता है। अब चीन की सरकार भी इस यात्रा में सहयोग करती है।

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