खालिस्तान समर्थक समूह “द सिख्स फॉर जस्टिस” पर सरकार ने प्रतिबन्ध लगाया

केन्द्रीय सरकार ने राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के लिए खालिस्तान समर्थक समूह “द सिख्स फॉर जस्टिस” पर सरकार ने प्रतिबन्ध लगाया है। यह प्रतिबन्ध अवैध गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के सेक्शन 3 के तहत लगाया गया है। केंद्र सरकार ने अनुसार “द सिख्स फॉर जस्टिस” की गतिविधियों से देश की शांति तथा एकता को नुकसान पहुँच सकता है। यह समूह खालिस्तान का समर्थन करता है और यह भारत की संप्रभुता तथा क्षेत्रीय एकता के लिए खतरा है।

द सिख्स फॉर जस्टिस

यह अमेरिका में बेस्ड एक खालिस्तानी समूह है, इसकी स्थापना 2007 में की गयी थी। इसका नेतृत्व अवतार सिंह पन्नुन तथा गुरपतवंत सिंह पन्नुन द्वारा किया जाता है। द सिख्स फॉर जस्टिस के आंतरिक समूह में 8-10 सदस्य हैं, जबकि इसके ऑनलाइन समर्थक लगभग 2 लाख हैं। इस समूह का प्रमुख उद्देश्य पंजाब में एक स्वतंत्र राष्ट्र की स्थापना करना है। यह समूह पिछले पांच वर्षों से अलग खालिस्तान का समर्थन कर रहा है। इस उद्देश्य के लिए द सिख्स फॉर जस्टिस ने “Sikh Referendum 2020” नामक ऑनलाइन अभियान चलाया है। पंजाब पुलिस ने द सिख्स फॉर जस्टिस तथा इसके सदस्यों के विरुद्ध 10 अलग-अलग मामले दायर किये हैं। एक मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) भी छानबीन कर रही है।

अवैध गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA)

अवैध गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के द्वारा भारत में अवैध काम कर रहे संगठनों पर रोक लागाई जाती है। इस तरह के संगठनों के अभिव्यक्ति के अधिकार, एकत्र होने के अधिकार इत्यादि पर भी अंकुश लगाया जाता है।

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