बिम्सटेक : नशीली दवाओं की तस्करी पर रोक लगाने के लिए सम्मेलन नई दिल्ली में शुरू हुआ

13 फरवरी, 2020 को केन्द्रीय मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में नशीली दवाओं के तस्करी पर रोक लगाने के लिए बिम्सटेक देशों के सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस सम्मेलन का आयोजन नारकोटिक्स नियंत्रण ब्यूरो द्वारा किया जा रहा है। इस सम्मेलन में बांग्लादेश, म्यांमार, भूटान, नेपाल, थाईलैंड और श्रीलंका ने हिस्सा लिया। इस सम्मेलन का उद्देश्य प्रभावित क्षेत्रों में नशीली दवाओं के अवैध व्यापार पर रोक लगाना है।

यह सम्मेलन भारत की ‘एक्ट ईस्ट पालिसी’ और ‘नेबरहुड पालिसी’ के लिए महत्वपूर्ण है। बिम्सटेक प्लेटफार्म के द्वारा भारत इन उद्देश्यों की पूर्ती कर सकता है।

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इस प्रकार के बहुपक्षीय सम्मेलनों की आवश्यकता है, वैश्विक स्तर पर अवैध नशीली दवाओं का व्यापार बढ़कर 400 अरब डॉलर तक पहुँच गया है। पिछले 10 वर्षों में नशीलों दवाओं के आदि लोगों की संख्या में 30% की वृद्धि हुई है।

बिम्सटेक (Bay of Bengal Initiative for Multi-Sectoral, Technical and Economic Cooperation)

बिम्सटेक दक्षिण एशिया तथा दक्षिण पूर्वी एशिया के 7 देशों का समूह है, जो बंगाल के खाड़ी के निकट स्थित हैं। बिम्सटेक की स्थापना 6 जून, 1997 को बैंकाक घोषणा के द्वारा की गयी थी। बिम्सटेक का मुख्यालय बांग्लादेश की राजधानी ढाका में स्थित है।

बिम्सटेक के सदस्य देश भारत, नेपाल, बांग्लादेश, भूटान, श्रीलंका, म्यांमार और थाईलैंड हैं। इन सभी देशों की जनसँख्या लगभग 1.5 अरब है जो कि विश्व की कुल जनसँख्या का 22% है।

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