भारतीय रिज़र्व बैंक के डिप्टी गवर्नर के रूप में  विरल आचार्य का कार्यकाल समाप्त हुआ

भारतीय रिज़र्व बैंक के डिप्टी गवर्नर के रूप में  विरल आचार्य का कार्यकाल समाप्त हुआ, उन्होंने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया था, गौरतलब है कि अभी उनके कार्यकाल में 6 महीने बचे हैं, उनका कार्यकाल 20 जनवरी, 2020 को समाप्त होगा। उन्होंने इस्तीफे के पीछे व्यक्तिगत कारण का हवाला दिया है। गौरतलब है कि इससे पहले भारतीय रिज़र्व बैंक के पूर्व गवर्नर उर्जित पटेल ने अपने पद से इस्तीफ़ा दिया है। भारतीय रिज़र्व बैंक में कार्य करने से पहले वे न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के स्टर्न स्कूल ऑफ़ बिज़नस में अध्यापन का कार्य करते थे।

भारतीय रिज़र्व बैंक

भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के प्रावधानों के अनुसार 1 अप्रैल 1935 को भारतीय रिज़र्व बैंक की स्थापना हुई थी। शुरू में रिज़र्व बैंक का केंद्रीय कार्यालय कोलकाता में स्थापित किया गया था लेकिन 1937 में स्थायी रूप से इसे मुंबई में हस्तांतरित कर दिया गया था। केंद्रीय कार्यालय वह स्थान है, जहां गवर्नर बैठता है तथा जहां नीतियां तैयार की जाती हैं। 1949 मे राष्ट्रीयकरण के बाद से रिज़र्व बैंक पूरी तरह से भारत सरकार के स्वामित्व में है।

भारतीय रिज़र्व बैंक के प्राथमिक कार्य

  • विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999 को प्रबंधित करना
  • मौद्रिक नीति तैयार करना, कार्यान्वयन और निगरानी करना
  • बैंकिंग संचालन के मापदंडों को निर्धारित करना
  • केन्द्रीय और राज्य सरकार के लिए मर्चेंट बैंकिंग फ़ंक्शन

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