भारत ने ‘IndSpaceEx’ नामक प्रथम सिमुलेटेड अन्तरिक्ष युद्ध अभ्यास का आयोजन करने का निर्णय लिया

भारत प्रथम सिमुलेटेड अन्तरिक्ष अभ्यास “IndSpaceEx” के आयोजन की योजना बना रहा है, इस अभ्यास का आयोजन जुलाई के अंतिम सप्ताह में रक्षा मंत्रालय के एकीकृत रक्षा स्टाफ के तहत किया जा सका है। इस अभ्यास में सैन्य कार्य से सम्बंधित सभी संगठन हिस्सा लेंगे, इसमें वैज्ञानिक भी शामिल होंगे। इस अभ्यास का उद्देश्य अन्तरिक्ष युद्ध की सभी संभावित चुनौतियों से परिचित होना है। इसका उद्देश्य अन्तरिक्ष के क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभुत्व का सामना करना है जो कि भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है।

इससे पहले भारत ने अन्तरिक्ष में “मिशन शक्ति” के द्वारा स्वयं के उपग्रह को मिसाइल द्वारा ध्वस्त करके विश्व को अपनी क्षमता से परिचित करवाया था।

मिशन शक्ति

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 27 मार्च, 2019 को संबोधन में प्रकट किया था कि भारत ने अपनी पहली एंटी-सैटेलाइट मिसाइल ने अन्तरिक्ष में उपग्रह को सफलतापूर्वक नष्ट किया  है।

  • इस मिशन को “मिशन शक्ति” नाम दिया गया। इस मिशन में मिसाइल ने पृथ्वी की निम्न कक्षा में सैटेलाइट को नष्ट किया गया।
  • यह कार्य लांच के केवल तीन मिनट बाद ही पूरा कर लिया गया। यह भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
  • इस मिशन का नेतृत्व रक्षा अनुसन्धान व विकास संगठन द्वारा किया गया।
  • टारगेट सैटेलाइट 300 किलोमीटर की ऊंचाई पर परिक्रमा कर रहा था।
  • प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत का यह मिशन किसी दूसरे देश के विरुद्ध नहीं है। इस मिशन को पूरा करने के लिए किसी अंतर्राष्ट्रीय कानून अथवा संधि का उल्लंघन नहीं किया गया है।
  • यह बेहद जटिल मिशन था, गौरतलब है कि मिसाइल ने तीव्र गति तथा उत्तम सटीकता से अपने लक्ष्य को ध्वस्त किया।
  • भारत अन्तरिक्ष में सैटलाइट को मार गिराने वाले विश्व का चौथा देश है, अब तक केवल अमेरिका, रूस और चीन ही यह कारनामा कर पाए हैं।

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