भारत सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा शुरू करने की अनुमति दी

15 अप्रैल, 2020 को भारत सरकार ने विस्तारित लॉक डाउन के लिए दिशा-निर्देश जारी किए। दिशानिर्देशों के तहत सरकार ने औद्योगिक कार्यों, सड़क निर्माण कार्यों और मनरेगा को ग्रामीण क्षेत्रों में शुरू करने की अनुमति दी है।

मुख्य बिंदु

मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) देश में रोजगार सृजन का एक बड़ा स्रोत है। यह सालाना 50 से 60 मिलियन से अधिक घरों को काम प्रदान करता है। भारत सरकार का अनुमान है कि लगभग 5,00,000 से 6,00,000 प्रवासी हैं जो लॉकडाउन के कारण अपने गाँवों में लौट आए हैं। इस प्रकार ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा, औद्योगिक कार्यों और निर्माण गतिविधियों की अनुमति देने से इन प्रवासियों को मदद मिलेगी।

योजना

इसका उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और प्रवासियों की मदद करना है। इसलिए, दिशानिर्देशों ने ग्रामीण क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों के रूप में नगर निगम की सीमा से बाहर सभी औद्योगिक गतिविधियों को वर्गीकृत किया है। साथ ही, ईंट भट्टों को फिर से शुरू किया जायेगा। इस बार लॉकडाउन के बाद जल संरक्षण और सिंचाई गतिविधियों को मनरेगा में प्राथमिकता दी गई है।

फंड

केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2020-21 के लिए मनरेगा के लिए 60,000 करोड़ रुपये आवंटित किए थे। ग्रामीण सड़क अवसंरचना कार्यक्रम को 2020-21 के बजट में 19,000 करोड़ रुपये मिले थे। इसके अलावा, प्रधान मंत्री गरीब कल्याण योजना ने ग्रामीण और असंगठित क्षेत्र के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण धन आवंटित किया है।

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