यूरोपीय पुनर्निर्माण और विकास बैंक ने भारत की सदस्यता को मंजूरी दी

यूरोपीय पुनर्निर्माण और विकास बैंक (ईबीआरडी) के शेयरधारकों ने अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थान को भारत की सदस्यता के लिए अपनी मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही, भारत ईबीआरडी का 69 वां सदस्य बन जाएगा। यह दिसंबर 2017 में ईबीआरडी की सदस्यता लेने के लिए भारत सरकार के किये गए आवेदनों पर होगा। यह ईबीआरडी के कार्य क्षेत्रों में भारतीय कंपनियों के साथ संयुक्त निवेश में वृधि करेगा।

मुख्य तथ्य

ईबीआरडी के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स ने भारत के सदस्यता आवेदन के पक्ष में वोट किया था, जो अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थान के सभी मौजूदा शेयरधारकों का प्रतिनिधित्व करते है । शेयरधारकों की मंजूरी के साथ, औपचारिक सदस्यता प्रक्रिया अभी भी जारी है , जिसमें करीब 1 मिलियन यूरो की अनुमानित लागत पर भारत द्वारा शेयरों की खरीद शामिल है।

यूरोपीय पुनर्निर्माण और विकास बैंक (ईबीआरडी)

ईबीआरडी एक बहुपक्षीय विकास निवेश बैंक है। बर्लिन की दीवार के पतन के बाद उभरते यूरोप में निजी और उधमिता पहल को बढ़ावा देने के लिए इसे 1991 में स्थापित किया गया था। इसका मुख्यालय लंदन, यूनाइटेड किंगडम में है यह पहले पूर्व साम्यवादी राज्यों को शीत युद्ध के बाद अपनी अर्थव्यवस्थाओं का निर्माण करने में सहायता करता था बाद में 30 से अधिक देशों में मध्य यूरोप से मध्य एशिया तक विकास से जुडी सहायता करने के लिए इसका विस्तार किया गया।
यह तीन महाद्वीपों में 38 उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं में निवेश करता है जिसमें पूर्व निर्धारित मानदंड होते है, जिसका उद्देश्य देशों को अधिक प्रतिस्पर्धी, बेहतर शासन आधारित , हराभरा , अधिक समावेशी, अधिक उदार और अधिक एकीकृत बनाना है। यह उन देशों में ही काम करता है जो बाजार अर्थव्यवस्थाओं के निर्माण के लिए उपकरण के रूप में निवेश का उपयोग करके लोकतांत्रिक सिद्धांतों के लिए काम करते हैं।

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