स्वदेशी रक्षा उद्योग में बौद्धिक सम्पदा अधिकार को बढ़ावा देने के लिए लांच किया गया मिशन रक्षा ज्ञान शक्ति

रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में नई दिल्ली में “मिशन रक्षा ज्ञान शक्ति” लांच किया, इसका उद्देश्य स्वदेशी रक्षा क्षेत्र में बौद्धिक सम्पदा अधिकार की संस्कृति को बढ़ावा देना है।

मिशन रक्षा ज्ञान शक्ति  

इस मिशन की स्थापना रक्षा उत्पादन विभाग द्वारा की गयी है, इसका उद्देश्य रक्षा निर्माण के क्षेत्र में देश को आत्म-निर्भर बनाना है। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य भारतीय रक्षा निर्माण क्षेत्र में बौद्धिक सम्पदा अधिकारी (IPR) की संस्कृति को बढ़ावा देना है। इसके क्रियान्वयन का उत्तरदायित्व गुणवत्ता आश्वासन महानिदेशक को सौंपा गया है। इस समारोह के दौरान DRDO, सार्वजनिक क्षेत्र की रक्षा इकाइयों तथा आर्डिनेंस फैक्ट्रीज द्वारा किये गये अविष्कार व नवोन्मेष प्रदर्शित किये गये।

पृष्ठभूमि

बौद्धिक सम्पदा अधिकार से नवोन्मेष को बढ़ावा देता है। भारत हमेशा से ही ज्ञान का केंद्र रहा है, परन्तु आविष्कारों को सुरक्षित करने के फ्रेमवर्क के बारे में जानकारी न होने के कारण देश के नवोन्मेष व ज्ञान का पूर्ण उपयोग नहीं हो सकता। अतः देश में बौद्धिक संपदा अधिकार के बारे में जागरूकता फैलाना नितांत आवश्यक है।

रक्षा मंत्रालय ने अप्रैल, 2018 में बौद्धिक सम्पदा सहायता सेल की स्थापना की थी, इसका उद्देश आर्डिनेंस फैक्ट्रीज बोर्ड तथा सार्वजनिक क्षेत्र की रक्षा इकाइयों के 10,000 कर्मचारियों को प्रशिक्षित करना है।

 

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