Bondi : विश्व बैंक ने लांच किया विश्व का पहला ब्लॉकचैन बांड

विश्व बैंक ने विश्व का पहला सार्वजनिक बांड ‘bond-i’ जारी किया, इसे ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी के द्वारा आबंटित व स्थानांतरित किया गया। Bond-i एक संक्षिप्त नाम है, इसका पूरा नाम Blockchain Offiered New Debt Instrument है। बोंडी नाम ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में बोंडी बीच से सम्बन्धित है। इस बांड के द्वारा प्राप्त फण्ड को धारणीय विकास अभियानों के लिए उपयोग किया जायेगा।

Bond-i

यह एक इथीरियम ब्लॉकचैन बांड है, यह बांड ऑस्ट्रेलियन डॉलर में है। इस बांड के प्रबंधन के लिए विश्व बैंक ने ऑस्ट्रेलिया के कॉमनवेल्थ बैंक ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया को चुना है। यह बांड 2 वर्ष में परिपक्व होगा, इस बांड को जारी करने के बाद अब तक 100 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर प्राप्त हुए हैं। इसे ब्लॉकचैन प्लेटफार्म से जारी व आबंटित किया गया, यह प्लेटफार्म निजी इथीरियम नेटवर्क पर आधारित है। इसे कॉमनवेल्थ बैंक ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया और विश्व बैंक द्वारा प्रबंधित किया जा रहा है।

पृष्ठभूमि

वित्तीय नवोन्मेष में विश्व बैंक हमेशा अग्रणी रहा है। विश्व बैंक ने 1989 में वैश्विक स्तर पर ट्रेड किया जाने वाला प्रथम बांड जारी किया था, वर्ष 2000 में विश्व बैंक ने पहला इलेक्ट्रॉनिक बांड जारी किया था। नवीनतम तकनीक का उपयोग करने के उद्देश्य से ब्लॉकचैन बांड को जारी किया गया है। विश्व बैंक ने जून 2017 में ब्लॉकचैन नवोन्मेष प्रयोगशाला की स्थापना की थी। इसका उद्देश्य ब्लॉकचैन तथा अन्य नवीन टेक्नोलॉजी के उपयोग व प्रभाव का अध्ययन करना है।

ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी

ब्लॉकचेन एक प्रकार का डिजिटल बही खाता है, इसमें डाटा क्लाउड में सुरक्षित रखा जाता है। यह डाटा स्टोरेज की सुरक्षित प्रणाली है। इसमें डाटा को कॉपी किये बिना विकेंद्रीकृत किया जाता है। यह काफी सुरक्षित व पारदर्शी है। इस टेक्नोलॉजी का उपयोग क्रिप्टोकरेंसी में बड़े पैमाने पर किया जाता है। इसके अलावा वित्तीय लेन-देन, क्राउड-फंडिंग, गवर्नेंस, फाइल स्टोरेज और इन्टरनेट ऑफ़ थिंग्स इत्यादि में इसका उपयोग किया जाता है।

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