विधि एवं विधेयक करेंट अफेयर्स

लॉकडाउन, कर्फ्यू और धारा 144 में क्या अंतर है?

देश में COVID-19 के प्रसार को रोकने के लिए  केंद्र सरकार ने कुछ क्षेत्रों में कर्फ्यू, कुछ अन्य क्षेत्रों में धारा -144 और कई अन्य क्षेत्रों में लॉकडाउन लागू कर दिया है।

लॉकडाउन

जब लोगों के एकत्रित होने पर पर प्रतिबंध लगाया जाता है तो उस कार्रवाई को लॉकडाउन कहा जाता है। हालांकि लॉकडाउन में आवश्यक सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। लॉकडाउन को एक कलेक्टर या मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा लागू किया जा सकता। मुख्य चिकित्सा अधिकारी महामारी रोग अधिनियम, 1897 के अनुसार लॉक डाउन लागू कर सकते हैं। लॉक डाउन के साथ पांच या अधिक लोगों को इकट्ठा करने की अनुमति नहीं है।

लॉक डाउन के दौरान पुलिस के पास उस व्यक्ति को गिरफ्तार करने और धारा 271 के तहत मामला दर्ज करने का अधिकार है, जो संगरोध (quarantine) से भागने की कोशिश करता है।

धारा 144

धारा 144 के तहत लोगों की सभा (एकत्रित होने) को भारतीय दंड संहिता के मुताबिक प्रतिबंधित किया जाता है। धारा 144 के तहत 5 से अधिक लोगों को इकट्ठा होने की अनुमति नहीं होती।

कर्फ्यू

आवश्यक सेवाओं के बंद होने के साथ धारा 144 लागू होने की कार्रवाई को कर्फ्यू कहा जाता है। कर्फ्यू शक्तियाँ कलेक्टर और पुलिस आयुक्त के पास होती हैं।

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लोकसभा में पारित किया गया वित्त विधेयक, 2020

23 मार्च, 2020 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त विधेयक, 2020 प्रस्तुत किया। इस विधेयक को बिना किसी चर्चा के लोकसभा में पेश किया गया और पारित कर दिया गया।

विधेयक की मुख्य विशेषताएं

यह विधेयक वित्तीय वर्ष 2020-21 के वित्तीय प्रस्ताव प्रदान करता है। इस बिल पारित होने के साथ केंद्रीय बजट 2020-21 के तहत किए गए प्रस्ताव लागू हो गए हैं। भारत सरकार ने वित्तीय वर्ष 2020-21 में 30,42,230 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव रखा है। यह 2019-20 के संशोधित अनुमान से 12.7% अधिक है।

इस विधेयक में कई संशोधन किए गए हैं। इस विधेयक के द्वारा  कुछ ऐसी सुविधाएँ वापस ले लीं गयी हैं जो अप्रवासी भारतीयों को प्रभावित करती हैं। अब भारत में अप्रवासी भारतीयों स्वामित्व वाले व्यवसाय से जिसे 15 लाख से अधिक की आय प्राप्त होती है, वे कर के दायरे में आयेंगे। हालांकि, उनकी वैश्विक आय पर कर नहीं लगाया जाएगा।

इस विधेयक के द्वारा लाभांश वितरण कर को समाप्त कर दिया गया है। यह कर भारत सरकार द्वारा भारतीय कंपनियों पर उनके निवेशकों को दिए गए लाभांश के आधार पर लगाया जाता है

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