विधि एवं विधेयक करेंट अफेयर्स

कैबिनेट ने वाणिज्यिक विवादों के शीघ्र निपटान हेतु कानून में संशोधन से जुड़े अध्यादेश को मंजूरी दी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अध्यादेश की घोषणा को मंजूरी दे दी है ताकि वाणिज्यिक विवादों के शीघ्र निपटान के लिए कानून में संशोधन हो सके। इस निर्णय का उद्देश्य विश्व बैंक की व्यापार की आसानी सूचकांक (Ease of doing business index) में भारत की रैंकिंग में सुधार करना है। यह सूचकांक देश में विवाद समाधान के माहोल को ध्यान में रखता है, जो निवेशकों को व्यापार की स्थापना और संचालन के निर्णय लेने में सुविधा प्रदान करता है।

मुख्य तथ्य

० यह अध्यादेश उच्च न्यायालय के वाणिज्यिक न्यायालय, वाणिज्यिक प्रभाग तथा वाणिज्यिक अपीलीय डिवीजन विधेयक को प्रतिस्थापित करेगा जो संसद में लंबित है।
० इससे मौजूदा 1 करोड़ रुपये के वाणिज्यिक विवाद का मूल्य कम होकर 3 लाख रुपये हो जाएगा। इसका उद्देश्य कम मूल्य के वाणिज्यिक विवादों के समाधान में 1,445 दिनों के मौजूदा लिए जा रहे समय को कम करना है।
० अध्यादेश के माध्यम से यह संशोधन जिला न्यायाधीश स्तर पर उन क्षेत्रों के लिए वाणिज्यिक अदालतों की स्थापना का आदेश प्रदान करता है, जो उच्च न्यायालय चेन्नई, दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और हिमाचल प्रदेश में साधारण मूल नागरिक न्याय सीमा में आते है।

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मंत्रिमंडल ने पांचवीं अनुसूची के तहत राजस्थान में अनुसूचित क्षेत्रों की घोषणा को मंजूरी दे दी है

मंत्रिमंडल ने भारत के संविधान की 5वीं अनुसूची के अंतर्गत राजस्थान के संबंध में अनुसूचित क्षेत्रों की घोषणा को स्वीकृति प्रदान की. इसके परिणामस्वरूप यह क्षेत्र अनूसूचित क्षेत्रों को दी जाने वाली सुविधाओं का लाभ ले सकेंगे. पाली जिले के बाली तहसील के 9 ग्राम पंचायतों के 33 गांवों को सम्मिलित किया गया है. शामिल किए जाने वाले क्षेत्रों में राजस्थान के उदयपुर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, पाली और सिरोही जिलों में 227 गांवों को शामिल किया है साथ ही तीन पूर्ण जिलों बंसवाड़ा, डुंगरपुर, प्रतापगढ़, नौ तहसील, एक ब्लॉक और 46 पूर्ण ग्राम पंचायत शामिल किया हैं.

मुख्य तथ्य

राजस्थान सरकार ने संविधान की पांचवीं अनुसूची के तहत राज्य में अनुसूचित क्षेत्रों के विस्तार के लिए केंद्र से अनुरोध किया था. इस अनुरोध पर, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 12 फरवरी 1981 के संविधान आदेश (सीओ) 114 को रद्द करके संविधान की पांचवीं अनुसूची के तहत राजस्थान के संबंध में अनुसूचित क्षेत्रों की घोषणा के लिए अनुमोदन दिया और नए संविधान आदेश की घोषणा की.

पृष्ठभूमि

‘अनुसूचित क्षेत्र’ अभिव्यक्ति का अर्थ भारतीय संविधान की धारा 244(1) की 5वीं अनुसूची के पैराग्राफ 6 (1) के अनुसार ऐसे क्षेत्रों से है जिसे राष्ट्रपति अपने आदेश से अनुसूचित क्षेत्र घोषित कर सकते हैं. संविधान की अनुसूची 5 के पैराग्राफ 6/(2) के अनुसार राष्ट्रपति किसी भी समय राज्य के राज्यपाल की सलाह के बाद एक राज्य में किसी अनुसूचित क्षेत्र में वृद्धि का आदेश दे सकते हैं, किसी राज्य और राज्यों के संबंध में जारी आदेश और आदेशों को राज्य के राज्यपाल की सलाह से निरस्त कर सकते हैं और अनुसूचित क्षेत्रों को फिर से परिभाषित करने के लिए नया आदेश दे सकते हैं.

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