विधि एवं विधेयक करेंट अफेयर्स

सरकार बजट सत्र में प्रस्तुत करेगी वाणिज्यिक अन्तरिक्ष गतिविधयां विधेयक

केंद्र सरकार बजट सत्र के दौरान वाणिज्यिक अन्तरिक्ष गतिविधियाँ विधेयक प्रस्तुत कर सकती है। इस पर सरकार ने सकारात्मक संकेत दिए हैं।

वाणिज्यिक अन्तरिक्ष गतिविधयां विधेयक, 2017 की विशेषताएं

  • वाणिज्यिक अन्तरिक्ष गतिविधयां विधेयक, 2017 के द्वारा अन्तरिक्ष गतिविधियों को नियमित किया जायेगा, इस विधेयक की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
  • इस बिल में नॉन-ट्रान्सफरेबल लाइसेंस का प्रावधान है, यह लाइसेंस केंद्र सरकार द्वारा अन्तरिक्ष गतिविधियाँ करने वाले लोगों को जारी किया जायेगा।
  • इस बिल के द्वारा केंद्र सरकार को लाइसेंस के लिए योग्यता और फीस इत्यादि निश्चित करने की शक्ति दी गयी है।
  • सरकार को सभी अन्तरिक्ष ऑब्जेक्ट्स की का रिकॉर्ड अपने पास रखना होगा (कोई भी अन्तरिक्ष ऑब्जेक्ट जिसे अन्तरिक्ष में भेजा जाना है अथवा भेजा जा चुका है) तथा देश के लिए स्पेस एक्टिविटी प्लान तैयार करना होगा।
  • केंद्र सरकार देश में की जाने वाले अन्तरिक्ष गतिविधि की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी तथा अन्तरिक्ष गतिविधि में किसी दुर्घटना की छानबीन भी केंद्र सरकार द्वारा की जाएगी।
  • अवैध रूप से वाणिज्यिक गतिविधि करने वाले व्यक्ति अथवा एजेंसी पर एक करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना अथवा दोषी व्यक्ति को तीन वर्ष की कैद या दोनों सजा दी जा सकती हैं।
  • इस विधेयक के अनुसार लाइसेंस प्राप्त इकाइयों को अन्तरिक्ष गतिविधियाँ इस प्रकार करनी होंगी, जिससे अन्तरिक्ष में प्रदूषण न फैले अथवा पृथ्वी के पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे।

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कैबिनेट ने भारतीय औषधि प्रणाली के लिए राष्ट्रीय आयोग बिल, 2018 को मंज़ूरी दी

केन्द्रीय कैबिनेट ने हाल ही में भारतीय औषधि प्रणाली के लिए राष्ट्रीय आयोग बिल, 2018 को मंज़ूरी दे दी है। यह बिल केन्द्रीय भारतीय औषधि परिषद् का स्थान लेगा।

बिल की मुख्य विशेषताएं

  • इस बिल में चार स्वायत्त बोर्ड के साथ राष्ट्रीय आयोग की स्थापना की व्यवस्था की गयी है।
  • आयुर्वेद शिक्षा की देखभाल का कार्य आयुर्वेद बोर्ड द्वारा किया जायेगा।
  • यूनानी, सिद्ध तथा सोवारिग्पा की शिक्षा की देखभाल यूनानी, सिद्ध तथा सोवारिग्पा बोर्ड द्वारा की जाएगी।
  • भारतीय औषधि प्रणाली की शिक्षा प्रदान करने वाले संस्थानों को अनुमति देने तथा उनके मूल्यांकन का कार्य मूल्यांकन व रेटिंग बोर्ड द्वारा किया जायेगा।
  • भारतीय औषधि प्रणाली के प्रैक्टिशनर का नैतिक व पंजीकरण बोर्ड भारतीय औषधि प्रणाली  से सम्बंधित नैतिक मामलों के लिए नेशनल रजिस्टर का प्रबंधन करेगा।
  • सभी स्नातकों को प्रैक्टिस के लिए एक कॉमन एंट्रेंस व एग्जिट टेस्ट पास करना होगा, इसके बाद ही प्रैक्टिसिंग लाइसेंस प्रदान किया जायेगा।
  • इस बिल में अध्यापकों के लिए “अध्यापक योग्यता परीक्षा” का प्रावधान रखा गया है, इसके द्वारा नियुक्ति व पदोन्नति से पहले अध्यापकों के स्तर का मूल्यांकन किया जा सकेगा।

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