अर्थव्यवस्था करेंट अफेयर्स

आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना के तहत 14,690 करोड़ रुपये वितरित किये गये

12 जून, 2020 को वित्त मंत्रालय ने घोषणा की कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने अब तक MSMEs के लिए आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ECLGS) के तहत 14,690 करोड़ रुपये का वितरण किया है।

मुख्य बिंदु

ईसीएलजीएस की क्रेडिट लाइन वित्त मंत्री द्वारा घोषित आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत आर्थिक पैकेज का सबसे बड़ा घटक है। वित्त मंत्री ने घोषणा की कि MSMEs को 29,490 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत किए गए हैं। इसमें से 14,690 करोड़ रुपये का वितरण किया गया है।

लाभ

मई, 2020 में मंत्रिमंडल ने MSME क्षेत्र के लिए 9.25% की रियायती दर पर ECLGS के माध्यम से 3 लाख करोड़ रुपये के अतिरिक्त वित्त पोषण को मंजूरी दी थी। यह ‘मुद्रा’ उधारकर्ताओं को मोटे तौर पर कवर करने में मदद करेगा।

ईसीएलजीएस पर ध्यान केंद्रित करने का भारत सरकार का मुख्य उद्देश्य ऋण संस्थानों को प्रोत्साहन प्रदान करना, धन की उपलब्धता को सक्षम करना और एमएसएमई तक वित्तपोषण सुविधाओं की पहुंच बढ़ाना है।

योजना के प्रभाव

इस योजना से COVID-19 के कारण होने वाले तनाव को कम करने की उम्मीद है जिसने विनिर्माण क्षेत्र और MSME की अन्य गतिविधियों को बुरी तरह प्रभावित किया है। इससे कम लागत पर ऋण सुविधाएं प्रदान करने की उम्मीद है और इस तरह MSMEs को अपने व्यवसाय को फिर से शुरू करने और अपने परिचालन दायित्वों को पूरा करने में मदद मिलेगी।

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भारत का विदेशी मुद्रा भंडार पहली बार रिकॉर्ड 500 अरब डॉलर के पार पहुंचा

5 जून, 2020 को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 8.2 बिलियन डॉलर की वृद्धि के साथ 501.70 अरब डॉलर तक पहुँच गया है। ऐसा पहली बार हुआ है जब भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 500 अरब डॉलर के पार पहुंचा है। विश्व में सर्वाधिक विदेशी मुद्रा भंडार वाले देशों की सूची में भारत 5वें स्थान पर है, इस सूची में चीन पहले स्थान पर है।

विदेशी मुद्रा भंडार

इसे फोरेक्स रिज़र्व या आरक्षित निधियों का भंडार भी कहा जाता है भुगतान संतुलन में विदेशी मुद्रा भंडारों को आरक्षित परिसंपत्तियाँ’ कहा जाता है तथा ये पूंजी खाते में होते हैं। ये किसी देश की अंतर्राष्ट्रीय निवेश स्थिति का एक महत्त्वपूर्ण भाग हैं। इसमें केवल विदेशी रुपये, विदेशी बैंकों की जमाओं, विदेशी ट्रेज़री बिल और अल्पकालिक अथवा दीर्घकालिक सरकारी परिसंपत्तियों को शामिल किया जाना चाहिये परन्तु इसमें विशेष आहरण अधिकारों , सोने के भंडारों और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की भंडार अवस्थितियों को शामिल किया जाता है। इसे आधिकारिक अंतर्राष्ट्रीय भंडार अथवा अंतर्राष्ट्रीय भंडार की संज्ञा देना अधिक उचित है।

5 जून, 2020 को विदेशी मुद्रा भंडार

विदेशी मुद्रा संपत्ति (एफसीए): $463.63 बिलियन
गोल्ड रिजर्व: $ 32.352 बिलियन
आईएमएफ के साथ एसडीआर: $ 1.44 बिलियन
आईएमएफ के साथ रिजर्व की स्थिति: $ 4.28 बिलियन

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