अर्थव्यवस्था करेंट अफेयर्स

बजट 2020 : कृषि व ग्रामीण विकास के लिए 2.83 लाख करोड़ रुपये आबंटित किये गये

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी, 2020 को बजट 2020-21 प्रस्तुत किया। इस बजट में कृषि तथा ग्रामीण विकास के लिए 2.83 लाख करोड़ रुपये आबंटित किये गये हैं।

सरकार कृषि बाज़ार के उदारीकरण पर फोकस कर रही है। इसके अलावा सरकार कृषि उतादों की खरीद में वृद्धि करने के लिए कार्य कर रही है। इसके लिए सरकार ने बजट में 16 एक्शन पॉइंट्स प्रस्तुत किये हैं :

पॉइंट 1 : मॉडल नियम लागू करने के लिए राज्यों को प्रेरित करना

बजट के उद्देश्द्य राज्य सरकारों को निम्नलिखित मॉडल कानूनों के क्रियान्वयन के लिए राज्यों को प्रेरित करना है

  • मॉडल कृषि भूमि लीजिंग अधिनियम, 2016
  • मॉडल कृषि उत्पाद व पशुधन विपणन अधिनियम, 2017
  • मॉडल कृषि उत्पाद व पशुधन अनुबंध कृषि व सेवा संवर्धन अधिनियम, 2018

पॉइंट 2 : पानी की कमी वाले 100 जिलों के लिए विस्तृत उपाय

पॉइंट 3 : 20 लाख किसानों को सोलर पंप की स्थापना में सहायता करना

पिछले बजट में सरकार ने PM-KUSUM योजना के द्वारा डीजल अथवा पेट्रोल वाटर पंप पर किसानों की निर्भरता को कम करने के लिए प्रतिबद्धता ज़ाहिर की थी। इसके बदले में सरकार ने ग्रिड कनेक्टेड सोलर वाटर पंप के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए बल दिया था।

इस बजट के द्वारा 20 लाख किसानों को सोलर पंप की स्थापना में सहायता की जायेगी। इससे उत्पादित अतिरिक्त सौर उर्जा से किसान अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकता है।

पॉइंट 4 : रासायनिक उर्वरकों के लिए इंसेंटिव को कम करना तथा जैविक उर्वरकों को बढ़ावा देना

इस बजट के द्वारा जैविक उर्वरकों को बढ़ावा दिया जाएगा, जबकि रासायनिक उर्वरकों के उपयोग को कम करने के लिए प्रयास किया जाएगा।

पॉइंट 5 : नाबार्ड करेगा वेयरहाउस की जियोटैगिंग और मैपिंग

वर्तमान में भारत की भण्डारण व वेयरहाउसिंग क्षमता 162 मिलियन मीट्रिक टन है। आबंटित बजट की सहायता से नाबार्ड इन वेयरहाउसेज़ को मैपिंग व जियो टैगिंग करेगा।

WDRA (Warehousing Development and Regulatory Authority) की तर्ज़ पर नए वेयरहाउस के निर्माण के लिए वायाबिलिटी गैप फंडिंग प्रदान की जायेगी।

पॉइंट 6 : ग्रामीण भण्डारण योजना

बजट में ग्रामीण भण्डारण योजना प्रस्तावित की गयी है। इन भण्डारण गृहों का संचालन स्वयं सहायता समूहों द्वारा किया जाएगा। इसके तहत महिला स्वयं सहायता समूहों को वरीयता दी जायेगी। इस योजना के तहत स्वयं सहायता समूह को खाद्यान्न भण्डारण के लिए नाबार्ड द्वारा ऋण प्रदान किया जायेगा। इससे किसानों की खाद्यान्न भण्डारण क्षमता में वृद्धि होगी।

पॉइंट 7 : PPP मॉडल के तहत किसान रेल

जल्दी ख़राब होने वाली चीज़ों के परिवहन के लिए भारतीय रेल शीघ्र की किसान रेल की स्थापना पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर करेगा। इसके लिए नई रेफ्रीजरेटिड मालवाहक ट्रेन्स लांच की जायेगी। इससे मांस, दूध तथा मच्छली जैसे उत्पादों के लिए राष्ट्रीय कोल्ड सप्लाई चैन के निर्माण में सहायता मिलेगी।

पॉइंट 8 : कृषि उड़ान को लांच किया जायेगा

जल्दी ख़राब होने वाली चीज़ों के परिवहन के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय नई उड़ाने शुरू करेगा, इससे उत्तर-पूर्वी भारत तथा जनजातीय क्षेत्रों को विशेष लाभ होगा।

पॉइंट 9 : बागवानी को ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ में शामिल किया जाएगा

भारत का मौजूदा बागवानी उत्पादन 311 मिलियन मीट्रिक टन है। वित्त मंत्रालय के अनुसार भरत का बागवानी उत्पादन खाद्यान्न उत्पादन से अधिक है।

पॉइंट 10 : वर्षा सिंचित क्षेत्रों में एकीकृत कृषि प्रणाली का विस्तार किया जाएगा

बिना फसल के सीजन के दौरान मधुमक्खी पालन, सोलर पंप तथा सौर उर्जा उत्पादन से सम्बंधित कार्य किया जा सकता है। इसके अलावा जैविक खेती को मजबूती दी जायेगी।

पॉइंट 11 : NWR और ENAM का एकीकरण

NWR (Negotiable Warehouse Receipts) का वित्तपोषण 6,000 करोड़ रुपये के पार हो चुका है। इसलिए अब e-NWR का एकीकरण ENAM (Electronic National Agriculture Market) के साथ किया जाएगा।

पॉइंट 12 : 15 लाख करोड़ रुपये की कृषि साख

कृषि के विकास में गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों तथा कृषि कोआपरेटिव की भूमिका अति महत्वपूर्ण है। 2020-21 के लिए 15 लाख करोड़ रुपये की कृषि साख की व्यवस्था की गयी है। कृषि साख वह ऋण तथा फंडिंग है जो किसानों को कृषि क्षेत्र से अतिरिक्त उपलब्ध करवाई जाती है।

पॉइंट 13 : 2025 तक दूध का उत्पादन 108 मिलियन टन किया जायेगा

इस बजट में पशुओं में होने वाले रोगों के लिए फण्ड का प्रावधान किया गया है। सरकार ने 2021 तक Brucellosis तथा PPR (Peste des petits ruminant) रोग को समाप्त करने का लक्ष्य रखा है। सरकार ने मौजूदा दूध उत्पादन 53.5 मिलियन मीट्रिक टन को 2025 तक बढ़ाकर 108 मिलियन मीट्रिक टन करने का लक्ष्य रखा है।

पॉइंट 14 : नीली अर्थव्यवस्था – मतस्य उत्पादन को 200 लाख टन किया जाएगा

समुद्री मतस्य संसाधन के संरक्षण, विकास व प्रबंधन के लिए एक फ्रेमवर्क की स्थापना की जायेगी। तटीय क्षेत्रों के युवाओं को  मछली प्रसंस्करण व मार्केटिंग के बारे में प्रशिक्षण दिया जायेगा। सरकार नें 2022-23 तक मछली उत्पादन को 200 लाख टन करने का लक्ष्य रखा है।

पॉइंट 15 : मछली कृषक उत्पादक संगठन

3,477 सगर मित्र तथा 500 मछली कृषक उत्पादक संगठनों के माध्यम से मछली उत्पादन में वृद्धि की जायेगी। तटीय क्षेत्रों के युवाओं को सागर मित्र के रूप में प्रशिक्षण दिया जाएगा।

पॉइंट 16 : दीनदयाल अन्त्योदय योजना के अंतर्गत स्वयं सहायता समूह

दीनदयाल अन्त्योदय योजना के अंतर्गत 58 लाख स्वयं सहायता समूहों को क्रियाशील किया गया है।

फण्ड आबंटन

कृषि, सिंचाई, ग्रामीण विकास तथा सम्बंधित गतिविधियों के लिए 2.83 लाख करोड़ रुपये आबंटित किये गये हैं। इसमें से 1.6 लाख करोड़ रुपये कृषि और सिंचाई के लिए आबंटित किये गये है। ग्रामीण विकास और पंचायती राज के लिए 1.23 लाख करोड़ रुपये आबंटित किये गये हैं।

योजनायें

भारत सरकार 2022 तक किसानों को आय को दोगुना करने के लिए प्रयास कर रही है, इस कार्य के लिए निम्नलिखित योजनायें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहीं हैं :

  • KUSUM (किसान उर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान)
  • परंपरागत कृषि विकास योजना
  • प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
  • प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना

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वित्त मंत्री ने प्रस्तुत किया बजट 2020-21

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में 2020-21 के लिए बजट प्रस्तुत किया। इस बजट में लोगों की क्रय क्षमता बढाने तथा उनकी आय में वृद्धि करने पर बल दिया गया। इस बजट में प्रौद्योगिकी तथा नवोन्मेष के द्वारा युवाओं में रोज़गार को बढ़ाने के लिए बल दिया गया।

2020 के बजट को मूलभूत संरचनात्मक सुधार तथा समावेशी विकास के स्तम्भ पर तैयार किया गया है।

संरचनात्मक सुधार

संरचनात्मक सुधार में IBC (Insolvency and Bankruptcy Code) के द्वारा बैंकों का पुनः पूंजीकरण (recapitalization) करना शामिल हैं। 2014 में देश का ऋण जीडीपी का 52.2% था, 2019 में यह कम होकर 48.7% रह गया है।

GST सुधार

  • GST के अंतर्गत प्रत्येक घर में औसतन 4% की बचत हो रही है।
  • 2019-20 में 60 लाख नए करदाता  जुड़े, जबकि कुल 40 करोड़ रीटर्न फाइल किये गये, 800 करोड़ इनवॉइस अपलोड किये गये।
  • इससे इंस्पेक्टर राज प्रणाली समाप्त हो गयी है। इसके तहत राज्य तथा राष्ट्रीय परमिट (सड़क कर, फिटनेस प्रमाणपत्र, प्रदूषण प्रमाणपत्र) को हटा दिया गया है।

समावेशी विकास

1950 के दशक में वृद्धि दर 4%, 1980 में 6% तथा 2016 में 7.4% रही। 2014-19 के दौरान मुद्रास्फीति दर 4.5% रही। 2006-16 के दौरान 271 मिलियन लोग निर्धनता से बाहर  आये।

बजट की थीम

बजट को तीन थीम्स पर प्रस्तुत किया गया

आकांक्षी भारत : स्वास्थ्य, शिक्षा तथा बेहतर नौकरियों के मामले में समाज के सभी तबकों के लिए बेहतर स्तर। इस थीम के तहत कृषि, सिंचाई, ग्रामीण विकास, शिक्षा, जल तथा स्वच्छता पर फोकस किया गया।

आर्थिक विकास : अर्थव्यवस्था में सुधार, निजी सेक्टर के लिए उचित कार्यक्षेत्र उपलब्ध करवाना। इस थीम के अंतर्गत विनिर्माण सेक्टर, उद्योग तथा कौशल विकास पर फोकस किया गया।

केयरिंग सोसाइटी : इसके अंतर्गत पर्यटन, कनेक्टिविटी, कमज़ोर तथा बुजुर्गों पर फोकस किया गया।

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