अर्थव्यवस्था करेंट अफेयर्स

नीरव मोदी को भगौड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया

मुंबई के विशेष न्यायालय ने नीरव मोदी को भगौड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया है। इस प्रकार नीरव मोदी  नए भगौड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 के तहत दोषी घोषित किये जाने वाले दूसरे बिज़नेसमैन बने, उनसे पहले विजय माल्या को आर्थिक अपराधी घोषित किया गया है। नीरव मोदी पर 14,000 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप है।

मुख्य बिंदु

नीरव मोदी को निम्नलिखित प्रावधानों के तहत भगौड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया है :

  • भगौड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 के अनुसार भगौड़ा आर्थिक अपराधी वह व्यक्ति है जिस पर 100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि के आर्थिक अपराध के मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है और वह कारवाई से बचने के लिए देश को छोड़कर चला जाता है।
  • इसके लिए जांच एजेंसियों को धन शोधन रोकथाम अधिनियम, 2002 के तहत विशेष न्यायालय में एप्लीकेशन फाइल करनी होगी, इस एप्लीकेशन में आरोपी की संपत्ति तथा उसकी वर्तमान स्थिति का ब्यौरा भी देना होगा।
  • विशेष न्यायालय आरोपी व्यक्ति को न्यायालय के समक्ष पेश होने के लिए नोटिस जारी करेगा, दोषी व्यक्ति को नोटिस जारी होने के 6 सप्ताह के अन्दर न्यायालय द्वारा बताये गये स्थान पर पेश होना पड़ेगा।
  • यदि आरोपी व्यक्ति न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत हो जाता है तो करवाई रोक दी जायेगी। इसके तहत उस व्यक्ति को भगौड़ा  आर्थिक अपराधी घोषित नहीं किया जाएगा।
  • भगौड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया व्यक्ति 30 दिन के भीतर उच्च न्यायालय में विशेष न्यायालय के फैसले को चनौती दे सकता है।

 

 

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आरबीआई ने रेपो रेट को अपरिवर्तित 5.15% रखा, जीडीपी विकास दर के अनुमान में आई कमी  

आरबीआई ने रेपो रेट (अल्पकालिक उधार दर) को अपरिवर्तित 5.15% पर रखा है। यह निर्णय आरबीआई की पांचवी द्विमासिक नीति समीक्षा के दौरान लिया गया। वर्तमान में  रेपो रेट 5.15% पर है, यह 2010 के बाद का निम्नतम स्तर है। रिज़र्व बैंक ने जीडीपी विकास दर के अनुमान  को 6.1% से कम करके 5% किया है।

रेपो दर

रेपो दर, वह दर है जिस पर आरबीआई छोटी समयावधि के लिए बैंकों को ऋण देता है। यह RBI द्वारा बैंकों से सरकारी बांड खरीदकर एक निश्चित दर पर उन्हें बेचने के लिए एक समझौते के साथ किया जाता है। जब भारतीय रिजर्व बैंक रेपो दर बढ़ाता है, तो बैंक को उच्च दरों पर ऋण देना पड़ता है। अत: कहा जा सकता है कि रेपो दर का बढ़ना बाजारों में ब्याज दरों में वृद्धि होने का एक कारण है।

रिवर्स रेपो दर

रिवर्स रेपो दर वह ब्याज दर है जिस पर आरबीआई अल्पकालिक समय के लिए अन्य बैंकों से ऋण लेता है। यह आरबीआई द्वारा सरकारी बॉन्ड / सिक्योरिटीज को बैंकों को भविष्य में वापस खरीदने की प्रतिबद्धता के साथ किया जाता है। बैंक रिवर्स रेपो सुविधा का उपयोग अपने अल्पकालिक अतिरिक्त धन को आरबीआई में जमा करके ब्याज अर्जित करने के लिए भी करते हैं।

भारतीय रिजर्व बैंक

भारतीय रिजर्व बैंक भारत का केन्द्रीय बैंक है। यह भारत के सभी बैंकों का संचालक है। रिजर्व बैक भारत की अर्थव्यवस्था को नियन्त्रित करता है। 1 अप्रैल सन 1935 को इसकी स्थापना रिजर्व बैंक ऑफ इण्डिया ऐक्ट 1934 के अनुसार हुई थी।

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