अर्थव्यवस्था करेंट अफेयर्स

भारत सरकार ने आयात में कटौती करने के लिए 10 क्षेत्रों की पहचान की

3 जून, 2020 को उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग ने 10 क्षेत्रों की पहचान की, जहां आयात में कटौती की जानी है। इसमें कपड़ा, गहने, मोबाइल, रत्न, फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी आदि शामिल हैं।

मुख्य बिंदु

भारत सरकार ने हाल ही में जूते, फर्नीचर और एयर कंडीशनर में आत्मनिर्भर बनने के लिए निर्धारित लक्ष्यों को बदल दिया है। सरकार ने 10 अन्य क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनने के लिए भी योजना  तैयार की है।

उद्देश्य

सरकार ने इन 10 क्षेत्रों को विशेष रूप से चुना है क्योंकि भारत को इन क्षेत्रों में प्राकृतिक लाभ है। इसलिए, थोड़ा सा प्रोत्साहन  इन क्षेत्रों को देश की ताकत बनाने में सक्षम है।

सरकार ने घरेलू स्तर पर बने उत्पादों की गुणवत्ता को लक्षित करने के लिए आयात में कटौती का निर्णय लिया है। साथ ही, भारत गुणवत्ता नियंत्रण बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करेगा।

भारत के आयात

भारत ने वर्ष 2019-20 में 467.2 बिलियन अमरीकी डालर के माल का आयात किया। इसमें से, चमड़े और चमड़े के उत्पादों की मात्रा 1.01 बिलियन डॉलर, 37.7 बिलियन डॉलर की मशीनरी और 4.2 बिलियन डालर के मशीन टूल का आयात था।

आत्म निर्भर भारत अभियान की चिंताएं

आत्म निर्भर भारत अभियान के तहत आयातों को कम करने और घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, ये कदम कुछ समस्याओं को जन्म दे सकते हैं। वे इस प्रकार हैं :

  • भारत आयात प्रतिस्थापन औद्योगीकरण पर वापस जा सकता है।
  • व्यापार विकृति। विश्व व्यापार संगठन के आयात शुल्क की निर्धारित सीमा को पार किया जा सकता है।

आयात प्रतिस्थापन औद्योगिकीकरण

इसकी आलोचना निम्नलिखित कारणों के लिए की जाती है  :

  • केवल उपभोक्ता वस्तुओं को बढ़ावा दिया जाता है
  • रोजगार वृद्धि दर धीमी होती है
  • उत्पादकता वृद्धि न्यूनतम होती है
  • आंतरिक प्रवास में वृद्धि

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , ,

डीपीआईआईटी ने मेक इन इंडिया को प्रोत्साहित करने के लिए सार्वजनिक खरीद आदेश को संशोधित किया

उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) ने हाल ही में मेक इन इंडिया पहल को प्राथमिकता प्रदान करने के लिए सार्वजनिक खरीद आदेश को संशोधित किया है।

मुख्य बिंदु

आदेश के अनुसार, DPIIT ने वर्ष 2020-21 के लिए स्थानीय सामग्री की न्यूनतम 60% खरीद, वर्ष 2021-23 के लिए 70% और वर्ष 2023-25 ​​के लिए 80% निर्धारित की है। यह रसायन और पेट्रोकेमिकल पर लागू होता है। DPIIT ने 55 रसायनों और पेट्रोकेमिकल्स की पहचान की है जो 5 लाख रुपये से अधिक की खरीद के लिए बोली लगाने के योग्य हैं।

महत्व

इस कदम से आत्म निर्भर भारत अभियान को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। साथ ही, इससे घरेलू उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी। आत्म निर्भर भारत अभियान के तहत, भारत सरकार ने 20,000 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया।

आवंटित किए गए फंड का उपयोग एमएसएमई, कृषि, मनरेगा, मत्स्य पालन, स्ट्रीट वेंडर, डेयरी क्षेत्र आदि में किया जा रहा है। यह फंड देश की जीडीपी का 10% है। 10% योगदान संयुक्त राष्ट्र में कई देशों और सदस्यों की बैठक द्वारा तय किया गया था।

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , , ,

Advertisement