अर्थव्यवस्था करेंट अफेयर्स

भारतीय वित्त सहायता से मंगोलिया ने शुरू किया अपनी पहली तेल रिफाइनरी का निर्माण

मंगोलिया ने दक्षिणी दोरनोगोबई प्रांत में भारत द्वारा वित्त पोषित अपनी पहली राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण तेल रिफाइनरी का निर्माण शुरू किया है. लंबे समय से प्रतीक्षित परियोजना के समारोह में गोलियाई प्रधान मंत्री खुरल्सख उखना और भारतीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भाग लिया.

मुख्य बिन्दु

यह रिफाइनरी प्रति वर्ष 1.5 मिलियन टन कच्चा तेल प्रोड्यूस करने में सक्षम होगी तथा प्रति दिन लगभग 30,000 बैरल तेल का उत्पादन करेगी. परियोजना के पूरा होने पर मंगोलिया गैसोलीन, डीजल, विमानन ईंधन और द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) के लिए देश की सभी मांगों को पूरा करेगा. भारत के सहयोग से बन रही रिफाइनरी के बाद मंगोलिया की राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और इसे ऊर्जा के विभिन्न साधन आयात करने से मुक्ती भी मिलेगी. इस रिफाइनरी के बनने से मंगोलिया के सकल घरेलु उत्पाद में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी. रिफाइनरी से मैग्नोलिया के कच्चे तेल के उत्पादन में वृद्धि होने की उम्मीद है, जिससे इसकी निर्यात आय में वृद्धि होगी. भारत और मंगोलिया के बीच द्विपक्षीय संबंधों में रिफाइनरी परियोजना को महत्वपूर्ण मील का पत्थर भी माना जा रहा है.

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भारत ने 29 अमेरिकी उत्पादों पर लागू किया अतिरिक्त आयात शुल्क

भारत ने अमेरिका के साथ चल रही व्यापारिक अनबन के जवाब में 29 वस्तुओं पर आयात शुल्क बढ़ाया है जिनमें काला चना, मसूर,  बादाम, अखरोट, और सेब आदि जैसी कई वस्तुएं शामिल है. अब भारत में अमेरिका से आने वाली इन वस्तुओं का मूल्य बढ़ जाएगा. अमेरिका द्वारा भारतीय स्टील और एल्युमीनियम उत्पादों पर कर बढ़ाने के जवाब में भारत द्वारा यह कदम उठाया गया है. अमेरिका द्वारा लागू किए गए अतिरिक्त कर से भारत पर 24 करोड़ डॉलर के शुल्क का बोझ बढ़ा था.

मुख्य तथ्य

पिछले सप्ताह भारत ने विश्व व्यापार संगठन को 30 उत्पादों की सूची भेजी थी, जिस पर भारत ने 50 प्रतिशत का आयात शुल्क बढ़ाने की मंशा जताई थी. विश्व व्यापार संगठन को सौपीं गई सूची में से केवल 800 सीसी से अधिक क्षमता की बाइकों पर आयात शुल्क नहीं बढ़ाया गया बाकी अन्य सभी 29 वस्तुओं पर अतिरिक्त आयात शुल्क लागू किया गया है. वित्त मंत्रालय के अनुसार इन वस्तुओं पर लगाया गया यह अतिरिक्त आयात शुल्क 4 अगस्त से प्रभावी रहेगा. भारत सरकार द्वारा जिन 29 वस्तुओं पर आयात शुल्क बढ़ाया गया है वे कुछ इस प्रकार से है.

काला चना और काबुली चना पर आयात शुल्क 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 70 प्रतिशत, मसूर पर 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत, बादाम गिरी पर आयात शुल्क 100 रुपये से बढ़ाकर 120 रुपये प्रति किलो, साबुत बादाम पर आयात शुल्क 35 रुपये से बढ़ाकर 42 रुपये प्रति किलो, अखरोट पर शुल्क 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 120 प्रतिशत किया गया है. जबकि अमेरिकी सेब पर शुल्क 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 75 प्रतिशत, फॉस्फोरिक एसिड पर 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तथा बोरिक एसिड पर शुल्क बढ़ाकर 17.50 प्रतिशत, डायग्नोस्टिक रीजेंट्स पर शुल्क 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत, फाउंड्री मोल्ड के लिए बाइंडर्स पर शुल्क 17.5 प्रतिशत किया गया है. आयरन के फ्लैट रोल्ड उत्पादों पर शुल्क 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 27.50 प्रतिशत और स्टेनलेस स्टील के कुछ फ्लैट रोल्ड उत्पादों पर 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 22.5 प्रतिशत किया गया है. श्रिम्प आर्टेमिया (मछली की एक किस्म) पर शुल्क बढ़ाकर 30 प्रतिशत किया गया है. अतिरिक्त आयात शुल्क लागू किए जाने वाले उत्पादो में नाशपाती, स्टील ट्यूब और पाइप फिटिंग जैसे अन्य कई उत्पाद और भी शामिल हैं.

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