अर्थव्यवस्था करेंट अफेयर्स

केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने रेलवे क्षेत्र में तकनीकी सहयोग हेतु भारत-यूएई के बीच समझौता ज्ञापन को मंजूरी दी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने रेल क्षेत्र में तकनीकी सहयोग पर भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) को मंजूरी दे दी है। निम्‍नलिखित क्षेत्रों में इस ज्ञापन से तकनीकी सहयोग हो सकेगा:-

० सुरक्षा, नियंत्रण और दुर्घटनाओं की तकनीकी जांच।
० स्‍टेशन का पुनर्विकास।
० कोच ,लोकोमोटिव और वैगन;
० संयुक्‍त रूप से भागीदारों द्वारा पहचाना गया कोई अन्‍य क्षेत्र।

लाभ

भारतीय रेलवे को समझौता ज्ञापन से रेल क्षेत्र में नवीनतम विकास और जानकारी को बांटने तथा उसके बारे में बातचीत करने के लिए एक मंच मिलेगा। इस ज्ञापन से जानकारी का सरलता से आदान-प्रदान हो सकेगा, विशेषज्ञों की बैठकें हो सकेंगी, सेमिनार तकनीकी यात्राएं तथा संयुक्‍त रूप से मंजूर सहयोग की परियोजनाओं का कार्यान्‍वयन हो सकेगा।

पृष्ठभूमि

रेल क्षेत्र में तकनीकी सहयोग के लिए रेल मंत्रालय ने विभिन्‍न विदेशी सरकारों और राष्‍ट्रीय रेलवे के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्‍ताक्षर किये है। सहयोग के पहचाने गये क्षेत्रों में हाई स्‍पीड गलियारा (कॉरिडोर), वर्तमान रूटों की स्‍पीड में वृद्धि, विश्‍व स्‍तर के स्‍टेशनों का विकास, भारी ढुलाई कार्यों और रेल बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण शामिल हैं। रेलवे की टेक्‍नोलॉजी और कार्यों के क्षेत्रों में हुए विकास संबंधी सूचना के आदान-प्रदान,तकनीकी यात्राओं, जानकारी को बांटने, प्रशिक्षण और सेमिनारों तथा आपसी हित से जुड़े क्षेत्रों में कार्यशालाओं का आयोजन करके सहयोग को हासिल किया जा सकता है।

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केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने बर्न स्टैंडर्ड कंपनी लिमिटेड (बीएससीएल) को बंद करने की स्वीकृति दी

रेल मंत्रालय के अंतर्गत केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में सार्वजनिक प्रतिष्ठान बर्न स्टैंडर्ड कंपनी लिमिटेड (बीएससीएल) को बंद करने की स्वीकृति दे दी है। 10 वर्षों से अधिक समय में कंपनी की निरंतर गिरते भौतिक और वित्तीय प्रदर्शन तथा भविष्य में पुनरोत्थान की कम संभावना के कारण यह निर्णय लिया गया है।

मुख्य तथ्य

० घाटे में चल रही बीएससीएल के लिए उपयोग में लाए जा रहे सार्वजनिक धन की इससे बचत होगी और अन्य विकास कार्य के लिए इसका उपयोग किया जा सकेगा।
० लगभग 417.10 करोड़ रुपये का एक समय का अनुदान सरकार बंटवारा पैकेज और कंपनी की चालू देनदारियों को खत्म करने के लिए देगी।
० भारत सरकार (रेल मंत्रालय) द्वारा कंपनी को दिए गए 35 करोड़ रुपये के बकाया ऋण का मोचन कर दिया जाएगा। बर्न स्टैंडर्ड कंपनी लिमिटेड (बीएससीएल) के 508 कर्मचारी स्वैच्छिक अवकाश योजना (वीआरएस) से लाभान्वित होंगे।

पृष्ठभूमिः

1976 में बर्न स्टैंडर्ड कंपनी लिमिटेड गठित की गई थी। राष्ट्रीकरण वर्ष 1987 में इसके साथ बर्न एंड कंपनी तथा इंडिया स्टेंडर्ड वैगन कंपनी लिमिटेड का भारी उद्योग विभाग के अंतर्गत एकीकरण कर दिए जाने के बाद वर्ष 1994 में कंपनी का मामला औद्योगिक तथा वित्तीय पुनर्निर्माण बोर्ड (बीआईएफआर) को भेजा गया इसके बाद इसे वर्ष 1995 में बीमार घोषित कर दिया गया। कंपनी तब से बीमार स्थिति में है। आर्थिक मामलों की समिति की स्वीकृति के अनुसार 15-09-2010 को कंपनी का प्रशासनिक नियंत्रण डीएचआई से रेल मंत्रालय को सौंप दिया गया। कंपनी वैगनों के निर्माण और मरम्मत तथा इस्पात उत्पादन का कार्य करती है।

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