अर्थव्यवस्था करेंट अफेयर्स

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 1.2 बिलियन डॉलर की वृद्धि के साथ 517.637 अरब डॉलर पर पहुंचा

17 जुलाई, 2020 को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 1.2 बिलियन डॉलर की वृद्धि के साथ 517.637 अरब डॉलर तक पहुँच गया है। विश्व में सर्वाधिक विदेशी मुद्रा भंडार वाले देशों की सूची में भारत 5वें स्थान पर है, इस सूची में चीन पहले स्थान पर है।

विदेशी मुद्रा भंडार

इसे फोरेक्स रिज़र्व या आरक्षित निधियों का भंडार भी कहा जाता है भुगतान संतुलन में विदेशी मुद्रा भंडारों को आरक्षित परिसंपत्तियाँ’ कहा जाता है तथा ये पूंजी खाते में होते हैं। ये किसी देश की अंतर्राष्ट्रीय निवेश स्थिति का एक महत्त्वपूर्ण भाग हैं। इसमें केवल विदेशी रुपये, विदेशी बैंकों की जमाओं, विदेशी ट्रेज़री बिल और अल्पकालिक अथवा दीर्घकालिक सरकारी परिसंपत्तियों को शामिल किया जाना चाहिये परन्तु इसमें विशेष आहरण अधिकारों , सोने के भंडारों और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की भंडार अवस्थितियों को शामिल किया जाता है। इसे आधिकारिक अंतर्राष्ट्रीय भंडार अथवा अंतर्राष्ट्रीय भंडार की संज्ञा देना अधिक उचित है।

17 जुलाई, 2020 को विदेशी मुद्रा भंडार

विदेशी मुद्रा संपत्ति (एफसीए): $476.880 बिलियन
गोल्ड रिजर्व: $ 34.743 बिलियन
आईएमएफ के साथ एसडीआर: $ 1.455 बिलियन
आईएमएफ के साथ रिजर्व की स्थिति: $ 4.560 बिलियन

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , , ,

इंडिया बिजनेस काउंसिल द्वारा 45वें इंडिया आइडियाज समिट 2020 का आयोजन किया जाएगा

22 जुलाई, 2020 को इंडिया बिजनेस काउंसिल द्वारा इंडिया आइडियाज समिट 2020 की मेजबानी करनी है। पीएम मोदी इस शिखर सम्मेलन को संबोधित करेंगे।

मुख्य बिंदु

इस  शिखर सम्मेलन में सरकारी नेता और व्यापार जगत के लोग व्यापार और निवेश, वैश्वीकरण और भविष्य के काम को आकार देने के लिए अमेरिका-भारत साझेदारी और प्रवृत्तियों के बारे में चर्चा करेंगे।

फोकस: बेहतर भविष्य का निर्माण

यूएस-इंडिया बिजनेस काउंसिल

इस परिषद का गठन 1975 में किया गया था। यह अमेरिका और भारत दोनों के निजी क्षेत्रों को अपने निवेश प्रवाह को बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करती है। यह सरकारी नेताओं और व्यापारियों के बीच सीधे संपर्क का काम करती  है। इस परिषद के अंतर्गत 12 कार्यकारी समितियाँ कार्यरत हैं। वे एयरोस्पेस, डिजिटल अर्थव्यवस्था, खाद्य और कृषि, वित्तीय सेवाओं, अचल संपत्ति, कर, खुदरा व्यापार, जीवन विज्ञान, बुनियादी ढांचे, ऊर्जा, पर्यावरण और उद्यम, रियल एस्टेट, मीडिया और मनोरंजन जैसे प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों को कवर करती हैं।  इसी तरह की एक व्यावसायिक परिषद है जो यूके और भारत के बीच संचालित होती है। यह यूके-इंडिया बिजनेस काउंसिल है। यूकेआईबीसी का कार्य यूएसआईबीसी के समान है।

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , , , ,

Advertisement