पर्यावरण एवं पारिस्थिकी करेंट अफेयर्स

राष्ट्रीय हरित ट्रिब्यूनल ने जैव विविधता प्रबंधन समितियों के गठन के सम्बन्ध में केन्द्रीय पर्यावरण व वन मंत्रालय से रिपोर्ट मांगी

राष्ट्रीय हरित ट्रिब्यूनल ने जैव विविधता प्रबंधन समितियों के गठन के सम्बन्ध में केन्द्रीय पर्यावरण व वन मंत्रालय से रिपोर्ट मांगी है। यह रिपोर्ट तीन महीने के भीतर सबमिट की जानी है। चेयरपर्सन जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली खंड पीठ ने राज्यों को एफिडेविट फाइल करके समितियों की स्थापना न करने का कारण पूछा है। ट्रिब्यूनल द्वारा गठित मॉनिटरिंग समिति की सूचना के अनुसार 2,52,709 ग्राम पंचायतों में जैव-विविधता प्रबंधन समितियों की स्थापना की जानी थी, परन्तु अब तक केवल 1,44,371 जैव-विविधता प्रबंधन समितियों की स्थापना हो पायी है। अभी भी एक लाख से अधिक जैव-विविधता समितियों की स्थापना की जानी शेष है।

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT)

पर्यावरण संरक्षण, वनों और अन्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण से संबंधित मामलों के प्रभावी और शीघ्र निपटान के लिए राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिब्यूनल अधिनियम, 2010 के तहत वर्ष 2010 में एनजीटी की स्थापना की गयी थी। यह भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 से प्रेरित है, जो भारत के नागरिकों को स्वस्थ वातावरण का अधिकार प्रदान करता है। एनजीटी को प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों द्वारा निर्देशित किया जाता है। इसमें पूर्णकालिक अध्यक्ष के रूप में भारत के सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश या उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, न्यायिक सदस्य और विशेषज्ञ सदस्य शामिल होते हैं। प्रत्येक श्रेणी में निर्धारित न्यायिक और विशेषज्ञ सदस्य की न्यूनतम संख्या 10 है तथा प्रत्येक श्रेणी में अधिकतम संख्या 20 होती है।

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लन्दन 24×7 प्रदूषण चार्ज जोन क्रियान्वित करने वाला पहला शहर बना

लन्दन 24×7 प्रदूषण चार्ज जोन क्रियान्वित करने वाला विश्व का पहला शहर बना गया है। लन्दन ने उल्टा लो एमिशन जोन लागू किया है, इसके तहत जो पुराने वाहन उत्सर्जन मानकों के अनुकूल नहीं है उन्हें प्रवेश फीस वसूली जायेगी। अल्ट्रा लो एमिशन जोन से गुजरने वाले पेट्रोल वाहन यूरो-4  तथा डीजल वाहन यूरो-6 मानक के अनुकूल होने चाहिए, यदि वाहन इन मानकों के अनुकूल नहीं तो वाहन चालकों को दैनिक भुगतान करना पड़ेगा।

इस पहल का उद्देश्य वायु प्रदूषण को कम करना है तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा करना है। यह अल्ट्रा लो एमिशन जोन 24×7 लागू होगी। पेट्रोल से चलने वाले वाहनों को उल्टा लो एमिशन जोन के मानकों के अनुकूल नहीं हैं इस प्रकार की कार, वैन तथा मोटरबाइक के लिए लिए प्रतिदिन 12.50 पौंड का शुल्क देना होगा जबकि लॉरी, बस तथा कोच के लिए यह शुल्क 100 पौंड होगा। लन्दन में 50% नाइट्रोजन ऑक्साइड वायु उत्सर्जन केवल वाहनों के कारण ही होगा। वायु प्रदूषण के कारण लन्दन को 3.7 अरब पौंड का नुकसान होता है।

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