पर्यावरण एवं पारिस्थिकी करेंट अफेयर्स

अंतरराष्ट्रीय सोलर अलायंस समिट

अंतरराष्ट्रीय सोलर अलायंस समिट में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह नन्हा पौधा आप सभी के सम्मिलित प्रयास और प्रतिबद्धता के बिना रोपा ही नहीं जा सकता था. इसलिए मैं फ्रांस का और आप सबका बहुत आभारी हूं. 121 सम्भावित देशों में से 61 अलायंस को ज्‍वाइन कर चुके हैं. 32 ने फ्रेमवक्र एग्रीमेंट की पुष्टि भी कर दी है. राष्ट्रपति भवन में इस कार्यक्रम में 23 राष्ट्राध्यक्ष और विभिन्न देशों के 10 मंत्रिमंडलीय प्रतिनिधि शामिल हुए हैं.

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत में वेदों ने हज़ारो साल पहले से सूर्य को विश्व की आत्मा माना है. भारत में सूर्य को पूरे जीवन का पोषक माना गया है. आज हम क्‍लाइमेट चेंज जैसी चुनौती से निपटने का रास्ता ढूंढ रहे हैं तब हमे प्राचीन दर्शन के संतुलन और समग्र दृष्टिकोण की ओर देखना होगा. उन्‍होंने कहा कि भारत में हमने दुनिया का सबसे बड़ा नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार कार्यक्रम शुरू किया है. 2022 तक नवीकरणीय ऊर्जा से 175 GW बिजली उत्पन्न करेंगे जिसमें से 100 GW बिजली सौर से होगी. हमने इसमे से 20 GW स्थापित सौर ऊर्जा का लक्ष्य हासिल कर लिया है.

पीएम मोदी ने कहा कि सोलर एनर्जी के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए टेक्‍नोलॉजी की उपलब्धता और विकास, आर्थिक संसाधन, कीमतों में कमी, स्‍टोरेज टेक्‍नोलॉजी का विकास, जन निर्माण और इनोवेशन के लिए पूरा ईको सिस्‍टम ज़रूरी है.

-फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने समिट की अध्यक्षता की। इसमें अंतरराष्ट्रीय सोलर अलायंस से संबद्ध 121 देशों में सौर ऊर्जा के प्रोत्साहन के विभिन्न पहलुओं पर जोर दिया जा रहा है।

-संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण के प्रमुख एरिक सोल्हैम ने अंतरराष्ट्रीय सोलर अलायंस को विस्तृत ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम कहा है। साथ ही इसे जलवायु परिवर्तन और जनसंख्या के खिलाफ लड़ाई में मील का पत्थर कहा है।

सौर ऊर्जा सूरज से प्राप्त शक्ति को कहते हैं। ऊर्जा को ऊष्मा या विद्युत में बदल कर अन्य प्रयोगों में लाया जाता है। उर्जा के इसी रूप को ही सौर ऊर्जा कहते हैं। कारों ,घरों और वायुयानों में सौर ऊर्जा का प्रयोग होता है। यह रूप साफ और प्रदूषण रहित होता है। सूर्य से ऊर्जा प्राप्त कर उसे प्रयोग करने के लिए सोलर पैनलों की आवश्यकता होती है। पैनलों में सोलर सेल होते हैं जो सूर्य की ऊर्जा को प्रयोग करने लायक बनाते हैं। यह कई तरह के होते हैं। उदहारण के रूप पानी गर्म करने वाले सोलर पैनल बिजली पहुंचाने वाले सोलर पैनलों से भिन्न होते हैं।

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राष्ट्रीय स्ट्रीट लाइट कार्यक्रम के तहत 49 लाख एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाई गयी

राष्ट्रीय स्ट्रीट लाइट कार्यक्रम (एसएलएनपी) के तहत अभी तक 28 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 49 लाख एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाई जा चुकी हैं। इस कार्यक्रम की शुरूआत 5 जनवरी 2015 को प्रधानमंत्री द्वारा की गई थी इसका उद्देश्य मार्च 2019 तक 1.34 करोड़ पारंपरिक स्ट्रीट लाइट के स्थान पर ऊर्जा कुशल एलईडी लाइट लगाना है। एसएलएनपी को ऊर्जा दक्षता सेवा लिमिटेड (ईईएसएल) द्वारा लागू किया जा रहा है, जो ऊर्जा मंत्रालय के तहत सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) की एक संयुक्त उद्यम कंपनी है।
ईईएसएल ने हिमाचल प्रदेश और राजस्थान में एलईडी स्ट्रीट लाइट परियोजनाओं को लागू करने संबधी मामलों का अध्ययन किया है। अभी एसएलएनपी के क्रियान्वयन में कोई विशेष समस्या उत्पन्न नहीं हुई है।

उद्देश्य

1. बिजली की खपत को कम करना तथा डिस्कॉम को पीक मांग को प्रबंधित करने में मदद करना
2. ऊर्जा कुशल एलईडी आधारित स्ट्रीट लाइट व्यवस्था के कार्यान्वयन से जलवायु परिवर्तन को कम करना
3. टिकाऊ सेवा मॉडल प्रदान करना जिससे एलईडी लाइट की खरीद के लिए भुगतान करने हेतु अपरेंट कैपिटल इंवेस्टमेंट के साथ-साथ अतिरिक्त राजस्व व्यय की व्यवस्था करना ।
4. नगर पालिकाओं की कोई अग्रिम पूंजीगत लागत पर नगरपालिका की सेवाएं बढ़ाना

ऊर्जा दक्षता सेवा लिमिटेड (ईईएसएल)

ऊर्जा दक्षता परियोजनाओं के कार्यान्वयन की सुविधा के लिए केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय के तहत ईईएसएल की स्थापना की गई थी। यह एनटीपीसी लिमिटेड, पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (पीएफसी), रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉरपोरेशन (आरईसी) और पावरग्रिड का एक संयुक्त उद्यम है। यह उन्नत ऊर्जा दक्षता (एनएमईईई) के लिए राष्ट्रीय मिशन के बाजार से संबंधित कार्यों की ओर अग्रसर है। यह राज्य डिस्कोमों की क्षमता निर्माण के लिए संसाधन केंद्र (रिसोर्स सेंटर) के रूप में भी कार्य करता है।

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