अंतर्राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स

इंडोनेशिया के माउंट सिनाबुंग ज्वालामुखी में विस्फोट हुआ

इंडोनेशिया के माउंट सिनाबुंग ज्वालामुखी में पुनः विस्फोट हो गया है। यह ज्वालामुखी 400 साल तक निष्क्रिय रहा और हाल ही में वर्ष 2010 और 2014 में इसमें विस्फोट हुआ था।

मुख्य बिंदु

यह पैसिफिक रिंग ऑफ फायर पर स्थित है जिसमें 120 से अधिक सक्रिय ज्वालामुखी हैं। माउंट सिनाबंग इंडोनेशिया के उत्तरी सुमात्रा द्वीप में स्थित है।

रिंग ऑफ़ फायर

पैसिफिक रिंग ऑफ फायर प्रशांत महासागर का एक प्रमुख क्षेत्र है जहां ज्वालामुखी विस्फोट और भूकंप आते हैं। दुनिया में लगभग 90% भूकंप इसी क्षेत्र में आते हैं। रिंग ऑफ़ फायर प्लेट टेक्टोनिक्स का प्रत्यक्ष परिणाम है।

भारत में ज्वालामुखी

भारत में एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी ‘बेरेन द्वीप’ अंडमान द्वीप समूह में स्थित है। अंडमान में ज्वालामुखी सुप्त हैं।

ज्वालामुखी के प्रकार

एक सक्रिय ज्वालामुखी वह ज्वालामुखी है जिसमें पिछले 10,000 वर्षों में कम से कम एक विस्फोट हुआ है। एक सक्रिय ज्वालामुखी सक्रीय या निष्क्रिय हो सकता है। एक निष्क्रिय ज्वालामुखी एक सक्रिय ज्वालामुखी है, जिसमे विस्फोट नही हो रहा है, लेकिन इसमें पुनः विस्फोट हो सकता है। एक विलुप्त ज्वालामुखी कम से कम 10,000 वर्षों तक प्रस्फुटित होता है और इसमें दोबारा विस्फोट की उम्मीद नहीं होती।

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श्रीलंका: महिंदा राजपक्षे ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली

9 अगस्त, 2020 को श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली।

महिंदा राजपक्षे

राजपक्षे ने जुलाई 2020 में राजनीति के 50 साल पूरे कर लिए हैं। उन्हें 24 साल की उम्र में संसद सदस्य के रूप में चुना गया था। तब से, उन्हें दो बार श्रीलंका के राष्ट्रपति के रूप में चुना गया और तीन बार प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्त किया गया।

भारत-श्रीलंका

भारत और श्रीलंका के बीच का संबंध 2,500 वर्ष से अधिक पुराना है। भारत ने अपनी “नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी” के तहत इस द्वीप राष्ट्र को महत्व दिया है।

व्यावसायिक सम्बन्ध

भारत-श्रीलंका वाणिज्यिक मुक्त व्यापार समझौते पर 2000 में हस्ताक्षर किए गए थे। 2016 में भारत से श्रीलंका को निर्यात 3.83 बिलियन अमरीकी डालर था और उसी वर्ष श्रीलंका से भारत को निर्यात 551 मिलियन अमरीकी डालर था। SAARC में श्रीलंका सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में से एक है।

भारत ने निम्न तरीकों से श्रीलंका की मदद की है :

  • श्रीलंका भारत से 2.63 बिलियन अमरीकी डालर की प्रतिबद्धता के साथ विकास ऋण प्राप्त करने वाले प्रमुख देशों में से एक है।
  • भारत ने सुनामी से क्षतिग्रस्त कोलंबो-मटारा रेल लिंक की मरम्मत में मदद की।
  • 2016 में, 7.55 मिलियन अमरीकी डालर की सहायता से आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा शुरू की गई थी।
  • एक्सपोर्ट-इंपोर्ट बैंक ऑफ इंडिया के नेशनल एक्सपोर्ट इंश्योरेंस अकाउंट ने श्रीलंका में तीन जल आपूर्ति परियोजनाओं को वित्त प्रदान करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए।
  • 2017 की बाढ़ में, भारत ने राहत कार्यों के लिए नौकाओं, खाद्य आपूर्ति, डाइविंग टीम, पानी और चिकित्सा टीमों सहित राहत सामग्री के साथ तीन जहाजों को भेजकर तुरंत सहायता प्रदान की थी।

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