अंतर्राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स

प्रोफेसर रतन लाल को किया गया ग्लिंका विश्व मृदा पुरस्कार 2018 से सम्मानित

ऑहियो स्टेट यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर रतन लाल ने ग्लिंका विश्व मृदा पुरस्कार 2018 को जीता। उन्हें यह पुरस्कार सतत मृदा प्रबंधन में सराहनीय योगदान के लिए दिया है। इस पुरस्कार का नाम रूसी वैज्ञानिक कोन्स्तान्तिन डी. ग्लिंका के नामक पर रखा गया है। यह कृषि क्षेत्र में दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है।प्रोफेसर रतन लाल का जन्म पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में हुआ था, उनका परिवार 1948 में भारत आया था। उन्होंने अमेरिका में 1968 में मृदा क्षेत्र में डॉक्टरेट की पढ़ाई पूरी की।

विश्व मृदा दिवस

प्रतिवर्ष 5 दिसम्बर को विश्व मृदा दिवस के रूप में मनाया जाता है, इस दिवस को खाद्य व कृषि संगठन द्वारा मनाया जाता है। इस वर्ष विश्व मृदा दिवस की थीम “मृदा प्रदूषण रोको” है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार विश्व की कुल एक तिहाई मृदा का क्षरण हो चुका है। मृदा के गुणवत्ता को प्रभावित करने वाला एक प्रमुख कारक मृदा प्रदूषण भी है। मृदा प्रदूषण का खाद्यान्न, जल तथा वायु पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है, जो प्रत्यक्ष रूप से स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। मृदा प्रदूषण का प्रमुख कारण औद्योगिक प्रदूषण तथा ख़राब मृदा प्रबंधन है।

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संक्षिप्त विवरण : संयुक्त राष्ट्र वैश्विक आंतकवाद विरोधी समन्वय कॉम्पैक्ट

आतंकवाद की समस्या से निपटने के लिए हाल ही में संयुक्त राष्ट्र ने इंटरपोल तथा विश्व सीमाशुल्क संगठन समेत 31 इकाइयों के साथ एक फ्रेमवर्क पर हस्ताक्षर किये। इसका उद्देश्य शांति तथा सतत विकास को बढ़ावा देना है। यह समझौता गैर-बाध्यकारी है। इसे ग्लोबल कॉम्पैक्ट कहा जाता है। ग्लोबल कॉम्पैक्ट समय समिति की अध्यक्षता अंडर-सेक्रेटरी-जनरल द्वारा की जाएगी। इस समिति की पहली बैठक का आयोजन 6 दिसम्बर, 2018 को न्यूयॉर्क में किया गया। इस ग्लोबल कॉम्पैक्ट के लिए संयुक्त राष्ट्र आतंकवाद विरोधी कार्यालय सचिवालय के रूप में कार्य करेगा।

फ्रेमवर्क की आवश्यकता क्यों?

इंस्टिट्यूट फॉर इकनोमिक एंड पीस के द्वारा जारी किये गये ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स के अनुसार आतंकवाद के कारण होने वाली मौतों में कमी तो आई है परन्तु अभी भी आतंकवाद का प्रभाव काफी बढ़ रहा है। संयुक्त राष्ट्र निरंतर विश्व में शांति व सहयोग के लिए कार्य कर रहा है। आतंकवाद से निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र ने 2005 में UN काउंटर-टेररिज्म इम्प्लीमेंटेशन टास्क फ़ोर्स का गठन किया था। इस टास्क फ़ोर्स में 38 अंतर्राष्ट्रीय इकाईयां शामिल थीं। आंतकवाद का सामना करने के लिए विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को बढ़ावा देने के लिए 23 फरवरी, 2018 को एक नए समझौते पर हस्ताक्षर किये गये। संयुक्त राष्ट्र वैश्विक आंतकवाद विरोधी समन्वय कॉम्पैक्ट ने UN काउंटर-टेररिज्म इम्प्लीमेंटेशन टास्क फ़ोर्स का स्थान लिया।

समझौते के उद्देश्य

  • आतंकवाद का सामना करने के लिए संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों को एकजुट करना तथा सदस्य देशों की सहायता के लिए रणनीतियों में सुधार करना।
  • हिंसक उग्रवादी समूहों से लोगों की सुरक्षा करना।
  • ऐसी रणनीतियों को अंगीकृत करना जो अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार तथा कानून के शासन से समझौता न करे।
  • लोगों तक पहुँचने के लिए टेक्नोलॉजी के उपयोग को मॉनिटर करना।
  • ऐसी नीतियों का निर्माण करना जिनसे समुदायों व उनके धार्मिक विचारों की रक्षा की जा सके।

संयुक्त राष्ट्र की पहलों के पहले काफी खामियां थीं तथा आतंकवाद का खतरा अभी भी बना हुआ। कुछ एक देशों में यह खतरा अन्य देशों की अपेक्षा काफी अधिक तथा गंभीर है। इस नए फ्रेमवर्क के द्वारा संयुक्त राष्ट्र ने आतंकवाद को जड़ से ख़त्म करने के लिए एक नया कदम उठाया है।

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