अंतर्राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स

विश्व नगर दिवस : 31 अक्टूबर

31 अक्टूबर को विश्व भर में विश्व नगर दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसका उद्देश्य बढती हुई जनसँख्या तथा समस्याओं के बीच नियोजित तथा सतत शहरी जीवन के लिए कार्य करना है।

मुख्य बिंदु

इस दिवस को मनाने का उद्देश्य वैश्विक शहरीकरण तथा शहरीकरण की चुनौतियों के लिए देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना तथा सतत शहरी विकास में योगदान देना है। वैश्विक तौर पर “विश्व नगर दिवस 2018” को यूनाइटेड किंगडम के लिवरपूल में मनाया गया।

पृष्ठभूमि

विश्व नगर दिवस की स्थापना संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा दिसम्बर, 2013 में प्रस्ताव 68/239 द्वारा की गयी थी। इस दिवस की सामान्य थीम “बेहतर शहर, बेहतर जीवन है”।

विश्व नगर दिवस 2018 की सब-थीम : “प्रतिरोधक्षमतापूर्ण व सतत शहरों का निर्माण। इस थीम का उद्देश्य विभिन्न किस्म के खतरों से भवनों को सुरक्षित रखने के लिए  प्रतिरोधक्षमतापूर्ण भवनों के निर्माण पर बल देना है, जिससे की मानव जीवन तथा सम्पति का नुकसान कम हो सके।

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फेक न्यूज़ से निपटने के लिए अमेरिकी अनुसंधानकर्ताओं ने वेब बेस्ड टूल का निर्माण किया

अमेरिका के मिशिगन विश्वविद्यालय के अनुसंधानकर्ताओं ने फेसबुक और ट्विटर जैसे सोशल प्लेटफार्म पर फेक न्यूज़ (असत्य समाचार) को मॉनिटर करने के लिए वेब बेस्ड टूल का विकास किया है। यह टूल इफ्फी कोशेंट नामक प्लेटफार्म हेल्थ मीट्रिक का उपयोग करता है, यह कोशेंट दो बाहरी इकाइयों न्यूज़व्हिप तथा मीडिया बायस/फैक्ट चेकर से डाटा प्राप्त करता है।

टूल की कार्यप्रणाली

न्यूज़व्हिप लाखों वेबसाइट्स से यूआरएल प्राप्त करता है तथा फेसबुक व ट्विटर पर इन साइट्स के इंगेजमेंट से जुड़ी जानकारी प्राप्त करता है।

इफ्फी कोशेंट न्यूज़व्हिप से टॉप 5000 लोकप्रिय यूआरएल की जानकारी प्राप्त करेगा।

तत्पश्चात यह टूल मीडिया बायस/फैक्ट चेकर से जानकारी प्राप्त करेगा पता लगाएगा की यूआरएल “इफ्फी, ओके अथवा अज्ञात” किस्म का है।

न्यूज़व्हिप

न्यूज़व्हिप एक सोशल मीडिया इंगेजमेंट ट्रैकिंग फर्म है, यह रोजाना लाखों वेबसाइट्स से डाटा एकत्रित करती है। यह किसी वेबसाइट के फेसबुक तथा ट्विटर से सम्बंधित डाटा की जानकारी भी जुटाती है।

मीडिया बायस/फैक्ट चेकर

यह यूआरएल को तीन श्रेणियों में बांटता है – इफ्फी, ओके और अज्ञात। यदि वेबसाइट का स्त्रोत संदिग्ध है तो वेबसाइट को “इफ्फी” में डाला जाता है। यदि वेबसाइट में पक्षपातपूर्ण अथवा व्यंग्य इत्यादि है तो इसे “ओके” श्रेणी में रखा जाता है, यदि वेबसाइट इनमे से किसी भी श्रेणी में नहीं आती तो इसे “अज्ञात” श्रेणी में डाला जाता है।

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