राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स

प्रधानमंत्री जन आयोग योजना (आयुष्मान भारत) के अंतर्गत लाभार्थियों की संख्या 20 लाख के पार पहुंची

प्रधानमंत्री जन आयोग योजना (आयुष्मान भारत) के अंतर्गत लाभार्थियों की संख्या 20 लाख के पार पहुंच गयी है। इस योजना को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 23 सितम्बर, 2018 को लांच किया था। अब तक 3.07 करोड़ करोड़ लोगों को ई-कार्ड जारी किये जा चुके हैं।

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत)

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एक सरकारी स्वास्थ्य योजना है, इसके तहत एक परिवार को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान किया जायेगा। इसका लाभ किसी सरकारी व कुछ एक निजी अस्पतालों में लिया जा सकता है। इस योजना में सामाजिक आर्थिक जनगणना 2011 में चिन्हित  परिवारों को शामिल किया जायेगा। यह योजना 32 राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों के 444 जिलों में लागू होगी।

इस योजना को राष्ट्रीय स्वस्थ्य एजेंसी द्वारा लागू किया जायेगा। इस योजना को लागू करने के लिए राज्यों को राज्य स्वास्थ्य एजेंसी का गठन करना होगा तथा जिला स्तर पर भी इसी प्रकार का गठन करना होगा। इस योजना को आरम्भ में 13,000 अस्पतालों के साथ मिलकर शुरू किया जायेगा।

इस योजना के लिए 60% योगदान केंद्र द्वारा दिया जायेगा, जबकि शेष राशी राज्यों द्वारा दी जाएगी। इस योजना के सुचारू रूप से क्रियान्वयन के लिए नीति आयोग भी साथ में कार्य करेगा।

योजना के मुख्य बिंदु

इस योजना का लाभ लेने के लिए परिवार के सदस्यों की संख्या व आयु पर कोई सीमा नहीं है।  इसके तहत अस्पताल में भर्ती होने से पहले व बाद के खर्च को भी शामिल किया जायेगा। इस योजना में हॉस्पिटलाईजेशन के दो दिन पहले की दवा, डायग्नोसिस और बेड चार्जेज शामिल हैं। इसके अलावा हॉस्पिटलाईजेशन की अवधि तथा उसके बाद के 15 दिन के खर्च को इसमें कवर किया जायेगा। हॉस्पिटलाईजेशन के लिए रोगी को परिवहन व्यय भी दिया जायेगा।

उपचार के खर्च का भुगतान सरकार द्वारा पहले ही निश्चित किये गए पैकेज रेट पर किया जायेगा। पैकेज रेट में उपचार से सम्बंधित सभी खर्चे शामिल हैं। राज्य व केंद्र शासित प्रदेश इन खर्चों में एक सीमा तक परिवर्तन भी कर सकते हैं।

इस योजना के तहत रोगी का देश भर में हॉस्पिटलाईजेशन निशुल्क होगा। इससे देश के निर्धन वर्ग को काफी सहायता मिलेगी और देश में स्वास्थ्य सुरक्षा अधिक लोगों को प्राप्त हो सकेगी।

इस योजना के तहत लाभार्थी सरकार द्वारा चिन्हित किसी सरकार अथवा निजी अस्पताल से लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इस योजना के तहत वेरिफिकेशन के लिए आधार कार्ड, वोट कार्ड अथवा राशन कार्ड की आवश्यकता पड़ेगी।

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सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायधीश रंजन गोगोई पर लगे यौन शोषण के आरोप के लिए गठित विशेष खंडपीठ ने सुनवाई की

सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायधीश रंजन गोगोई पर लगे यौन शोषण के आरोप के लिए गठित विशेष खंडपीठ ने सुनवाई की। खंडपीठ ने महिला द्वारा लगाए गये आरोपों को गलत करार दिया और आरोपों को निराधार बताया। इस दौरान पीठ ने कहा कि यह न्यायपालिका की स्वतंत्रता को नष्ट करने का प्रयास है।

सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायधीश रंजन गोगोई पर 35 वर्षीय महिला ने यौन शोषण के आरोप लगाये थे, मुख्य न्यायधीश के विरुद्ध यौन शोषण के इस मामले के लिए सर्वोच्च न्यायालय ने 20 अप्रैल, 2019 को विशेष बेंच का गठन किया था, इस बेंच में रंजन गोगोई, अरुण मिश्र तथा संजीव खन्ना शामिल हैं।

19 अप्रैल, 2019 को मुख्य न्यायधीश के आवासीय कार्यालय में कार्य करने वाली कनिष्ठ न्यायालय सहायक ने सर्वोच्च न्यायालय के 22 न्यायधीशों को पत्र लिखकर मुख्य न्यायधीश रंजन गोगोई पर यौन शोषण का आरोप लगाया था।

जस्टिस रंजन गोगोई

जस्टिस रंजन गोगोई का जन्म 18 नवम्बर, 1954 को हुआ था, वे असम के निवासी हैं। वे असम के पूर्व मुख्यमंत्री केशब चन्द्र गोगोई के पुत्र हैं। उन्होंने आरम्भ में गुवाहाटी उच्च न्यायालय में कार्य किया। फरवरी, 2001 में उन्हें उच्च न्यायालय में स्थायी न्यायधीश के रूप में नियुक्त किया गया। सितम्बर, 2010 में उनका स्थानांतरण पंजाब व हरियाणा उच्च न्यायालय में किया गया जहाँ फरवरी, 2011 में उन्हें मुख्य न्यायधीश नियुक्त किया गया। अप्रैल, 2012में उनकी नियुक्ति देश के सर्वोच्च न्यायालय में हुई थी।

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