राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने 10वां वार्षिक दिवस मनाया

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने 20 मई, 2019 को अपना 10वां वार्षिक दिवस मनाया। हालांकि भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग की स्थापना अक्टूबर, 2003 में की गयी थी, परन्तु इसने पूर्ण रूप से 20 मई, 2009 से कार्य करना शुरू किया।

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (Competition Commission of India)

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग एक अर्ध-न्यायिक संवैधानिक संस्था है, इसकी स्थापना प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 के तहत की गयी थी। इसकी स्थापना अक्टूबर, 2003 में हुई थी, इसने मई, 2009 में पूर्ण रूप से कार्य करना शुरू किया था। प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 के अनुसार इस आयोग का एक अध्यक्ष तथा न्यूनतम दो तथा अधिकतम 6 सदस्य होंगे। वर्तमान में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग के 4 सदस्य तथा एक अध्यक्ष हैं। यह आरम्भ से कॉलेजियम के रूप में कार्य कर रहा है। यह आयोग कॉर्पोरेट मामले मंत्रालय के अधीन कार्य करता है।

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग का उद्देश्य प्रतिस्पर्धा को बुरे तरीके से प्रभावित करने वाले कारकों को रोकथाम, ग्राहकों के हितों की सुरक्षा तथा मुक्त व्यापार सुनिश्चित करना है। यह किसी संवैधानिक संस्था को प्रतिस्पर्धा सम्बन्धी मामले में अपनी राय भी प्रदान करता है। यह आयोग प्रतिस्पर्धा सम्बन्धी मामले में जागरूकता फैलाने का कार्य भी करता है।

 

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सर्वोच्च न्यायालय ने VVPAT की 100% पर्चियों के मिलान पर विपक्षी दलों की याचिका को ख़ारिज किया

21 विपक्षी दलों ने सर्वोच्च न्यायालय में VVPAT की 100% पर्चियों के मिलान के लिए याचिका दायर की थी, सर्वोच्च न्यायालय ने इस याचिका को ख़ारिज कर दिया है। इन 21 दलों का नेतृत्व चंद्रबाबू नायडू ने किया था।

पृष्ठभूमि

हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय ने भारतीय चुनाव आयोग को EVM परिणामों से VVPAT पर्ची के मिलान की संख्या को बढ़ाने के लिए कहा था। पहले प्रत्येक विधानसभा सेगमेंट में एक पोलिंग बूथ में EVM के परिणामों का मिलान VVPAT से किया जाता था। अब सर्वोच्च न्यायालय ने एक की बजाय पांच पोलिंग बूथ की VVPAT की पर्चियों का मिलान करने का निर्देश दिया है। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि इससे चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता तथा सत्यनिष्ठा में वृद्धि होगी।

इस बार लोकसभा में पहली बार VVPAT मशीन का उपयोग किया जा रहा है। हालांकि कुछ संसदीय चुनावों तथा विधानसभा चुनावों में VVPAT का उपयोग किया जा चुका है।

VVPAT

VVPAT (Voter Verified Paper Audit Trail) एक डिवाइस है, मतदाता ने जिस व्यक्ति को वोट दिया है  उसकी पार्टी का चुनाव चिन्ह एक पर्ची पर मतदाता को दिखाई देता है। यह स्लिप VVPAT मशीन के अन्दर 7 सेकंड के लिए दिखाई देती है, उसके बाद यह पर्ची मशीन के अन्दर मौजूद डिब्बे में गिर जाती है। मतदाता इस पर्ची को अपने साथ नहीं ले जा सकता है। VVPAT में उमीदवार (जिसे आपने वोट दिया है) की क्रम संख्या, नाम तथा चुनाव चिन्ह दिखाई देता है।

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