राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स

14 नवम्बर : बाल दिवस

भारत में 14 नवम्बर को बाल दिवस मनाया जाता है। भारत में बाल दिवस देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु के जन्म दिवस के अवसर पर मनाया जाता है। 1964 से पहले भारत में 20 नवम्बर को बाल दिवस मनाया जाता है, यह सार्वभौमिक बाल दिवस संयुक्त राष्ट्र द्वारा निश्चित किया गया था। वर्ष 1964 में जवाहर लाल नेहरु की मृत्यु के बाद भारत में 14 नवम्बर को बाल दिवस के रूप में निश्चित किया गया।

जवाहर लाल नेहरु

जवाहर लाल नेहरु का जन्म 14 नवम्बर, 1889 को उत्तर प्रदेश इलाहबाद (अब प्रयागराज) में हुआ था। वे स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री थे। वे 1947 से 27 मई, 1964 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे। वे स्वतंत्रता सेनानी मोतीलाल नेहरु के पुत्र थे। जवाहर लाल नेहरु ने कैंब्रिज के ट्रिनिटी कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। बाद में उन्होंने भारत आकर इलाहबाद उच्च न्यायालय में स्वयं को एनरोल किया। परन्तु बाद में उन्होंने राष्ट्रीय राजनीती में प्रवेश किया। वे 1929 में कांग्रेस के अध्यक्ष बने। उन्होंने 31 दिसम्बर, 1929 को लाहौर में रावी नदी के किनारे राष्ट्रीय ध्वज को फहराया था। जवाहर लाल नेहरु को वर्ष 1955 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।

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भारत के मुख्य न्यायधीश का कार्यालय RTI के दायरे में आता है : सर्वोच्च न्यायालय

सर्वोच्च न्यायालय ने 13 नवम्बर, 2019 को स्पष्ट किया कि भारत के मुख्य न्यायधीश का कार्यालय भी सूचना के अधिकार (RTI) अधिनियम के दायरे में आता है। इस पांच सदस्यीय संवैधानिक पीठ की अध्यक्षता मुख्य न्यायधीश रंजन गोगोई द्वारा की गयी, इस पीठ में जस्टिस एन.वी. रमण, जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़, जस्टिस दीपक गुप्ता तथा जस्टिस संजीव खन्ना शामिल थे।

सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005

संसद ने 15 जून, 2005 को इस बिल को पारित किया था, यह अधिनियम 12 अक्टूबर, 2005 को लागू हुआ था। इस अधिनियम के तहत सरकारी विभागों को नागरिकों द्वारा मांगी गयी सूचना का जवाब निश्चित समय के भीतर देना पड़ता है। इसका पालन न करने पर सरकारी अधिकारियों पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है। RTI अधिनियम का उद्देश्य पारदर्शिता का बढ़ावा देना व सरकारी विभागों की जवाबदेही सुनिश्चित करना है। इस अधिनियम के तहत RTI आवेदन पत्र को जवाब सरकारी विभाग को 30 दिन के भीतर देना होता है।

नोट

RTI के तहत आतंरिक सुरक्षा से सम्बंधित जानकारी, बौद्धिक संपदा इत्यादि जानकारी नहीं दी जा सकती। निर्णय लागू किये जाने तक कैबिनेट पेपर्स को भी RTI के दायरे से बाहर रखा गया है। कैबिनेट द्वारा किये गए विचार-विमर्श इत्यादि को भी RTI के दायरे से बाहर रखा गया है।

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