राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स

आदिवासी युवाओं के लिए ‘गोल’ कार्यक्रम’ शुरू किया गया

केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री अर्जुन मुंडा ने “गोलकार्यक्रम” की शुरुआत की। GOAL का पूर्ण स्वरुप ‘Going Online As Leaders’ है। यह कार्यक्रम फेसबुक के साथ साझेदारी में शुरू किया गया है।

मुख्य बिंदु

आदिवासी युवाओं को डिजिटल मोड में मेंटरशिप प्रदान करने के लिए यह कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। यह आदिवासी युवाओं की छिपी प्रतिभाओं को बाहर लाने के लिए उत्प्रेरक का काम करेगा। साथ ही, यह उनके व्यक्तिगत विकास में मदद करेगा।

लाभ

यह कार्यक्रम 5,000 से अधिक आदिवासी युवाओं को सशक्त बनाने में मदद करेगा। इस कार्यक्रम को दीर्घकालिक मिशन के साथ तैयार किया गया है। यह आदिवासी युवाओं और महिलाओं की क्षमता को विकसित करने में मदद करेगा। साथ ही, यह उन्हें खाद्य प्रसंस्करण, बागवानी, मधुमक्खी पालन, औषधीय जड़ी बूटियों आदि में मेंटरशिप के माध्यम से ज्ञान और कौशल प्राप्त करने में मदद करता है।

पोर्टल

मंत्रालय ने इच्छुक उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित करने के लिए goal.tribal.gov.in नामक एक पोर्टल भी खोला है। मेंटर और प्रशिक्षुओं को इस पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा, यह पोर्टल मई और जुलाई, 2020 के बीच खुला रहेगा।

कार्यक्रम

यह कार्यक्रम कृषि, हस्तशिल्प और वस्त्र, कला और संस्कृति, पोषण आदि जैसे क्षेत्रों पर जीवन कौशल, डिजिटल साक्षरता, नेतृत्व और उद्यमिता पर केंद्रित होगा।

अन्य प्रयास

इस कार्यक्रम के साथ भारत सरकार स्टार्ट अप इंडिया, मुद्रा योजना, कौशल विकास योजना, जन धन योजना के विलय की योजना बना रही है। इससे लाभार्थियों को बढ़ाने में मदद मिलेगी।

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

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रक्षा मंत्री ने रक्षा परीक्षण अधोसंरचना योजना को मंजूरी दी

15 मई, 2020 को रक्षा मंत्री ने रक्षा परीक्षण अधोसंरचना योजना को अनुमोदित किया गया। इस योजना को 400 करोड़ रुपये की अनुमानित राशि पर लागू किया जाएगा।

मुख्य बिंदु

रक्षा अनुसंधान व विकास संगठन और देश के 41 ऑर्डिनेंस कारखानों ने गोला-बारूद, आग्नेयास्त्रों, रडार और इलेक्ट्रॉनिक हथियारों के लिए परीक्षण सुविधाओं का निर्माण किया है।

यह विशेष रूप से MSMEs (माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज) और स्टार्टअप्स के बीच देश की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को बढ़ावा देने में मदद करेगा।

परीक्षण सुविधाओं के बारे में

परीक्षण सुविधाओं का उपयोग यूएवी (मानवरहित वाहन), रडार, ड्रोन, रबर परीक्षण, दूरसंचार उपकरण परीक्षण, शोर परीक्षण, जहाज गति परीक्षण, विस्फोट परीक्षण, पर्यावरण परीक्षण सुविधाएं परीक्षण आदि के लिए किया जाएगा।

योजना

इस योजना के तहत देश में छह से आठ परीक्षण फैसिलिटी स्थापित की जाएंगी। इन फैसिलिटी को स्थापित करने की लागत का 75% केंद्र सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। बाकी का 25%  निजी संस्थाओं और राज्य सरकार के माध्यम से आएगा।

रक्षा औद्योगिक गलियारे

भारत में दो मुख्य औद्योगिक गलियारे हैं। वे उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में हैं। परीक्षण केंद्र इन उद्योगों को अपने उत्पादों का परीक्षण करने में भी मदद करेंगे।

रक्षा निर्यात

यह योजना भारत के रक्षा निर्यात लक्ष्यों की सहायता करने में भी मदद करेगी। DefExpo 2020 के दौरान, भारत ने अगले पांच वर्षों में रक्षा निर्यात को 5 बिलियन अमरीकी डालर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।

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