राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स

प्रधानमंत्री मोदी किसान सम्मान निधि की छठी किश्त जारी की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 अगस्त, 2020 को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत धन की छठी किस्त जारी की, जिसमें लगभग 8.5 करोड़ किसानों को 17,000 करोड़ की राशि दी गई। केंद्र द्वारा 2018 में शुरू की गई योजना के तहत 3 समान किस्तों में 6,000 रुपये प्रति वर्ष प्रदान किये जाते हैं।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN)

  • केंद्र सरकार छोटे व सीमान्त किसानों को प्रतिवर्ष 6000 रुपये की वित्तीय सहायता देगी।
  • इस योजना से सरकार खजाने से 75,000 करोड़ रुपये व्यय किया जायेंगे।
  • इस योजना का उद्देश्य उन किसानों की सहायता करना है जिन्हें ख़राब मौसम अथवा कम कीमत के कारण नुकसान होता है।
  • यह 6000 रुपये की राशि 2000-2000 हज़ार की तीन किश्तों में सीधे किसानों के खातों में हस्तांतरित की जायेगी।
  • इस योजना का लाभ वे किसान ले सकते हैं, जिनके पास 2 हेक्टेयर से कम भूमि है।
  • इस योजना से लगभग 12 करोड़ किसान लाभान्वित होंगे।

योजना का विश्लेषण

इस योजना के तहत किसानों को प्रतिवर्ष 6000 रुपये दिए जायेंगे, यह राशि 500 रुपये प्रति माह होगी। नाबार्ड बैंक के ग्रामीण वित्तीय सर्वेक्षण 2015-16 में कृषि से किसान की औसत मासिक आय 3,140 रुपये थी। इस प्रकार 500 रुपये प्रति माह से किसान की मासिक आय में 16% की वृद्धि होगी।

 

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भारत ने 101 रक्षा उत्पादों पर प्रतिबन्ध लगाया

9 अगस्त, 2020 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने घोषणा की कि भारत ने स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 101 वस्तुओं पर प्रतिबंध लगा दिया है। रक्षा मंत्रालय द्वारा 101 वस्तुओं की सूची तैयार की गई थी। यह भारत को आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत आत्मनिर्भर बनाने के लिए किया जा रहा है।

मुख्य बिंदु

यह निर्णय देश के रक्षा उद्योगों को प्रतिबंधित सूची में वस्तुओं के निर्माण का अवसर प्रदान करने के लिए किया गया है। उद्योग अपने स्वयं के डिजाइन को अपना सकते हैं या डीआरडीओ द्वारा विकसित प्रौद्योगिकियों को अपना सकते हैं।

चयनित 101 वस्तुओं में लगभग 260 योजनाएँ शामिल हैं। उन्हें 2015 से 2020 के बीच 3.5 लाख करोड़ रुपये की लागत से त्रि-सेवाओं द्वारा अनुबंधित किया गया था। इसके अलावा, अगले 6 से 7 वर्षों में घरेलू उद्योगों पर 4 लाख करोड़ रुपये के अनुबंध प्रदान किया जायेंगे। इसलिए, यह घरेलू उद्योगों को बहुत बढ़ावा देता है। इससे भारत को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी।

101 वस्तुओं में से, लगभग 1,30,000 करोड़ रुपये सेना और भारतीय वायु सेना के लिए अनुमानित हैं।  आयात पर प्रतिबंध 2020 और 2024 के बीच लागू किया जायेगा। भारतीय सेना को दिसंबर 2021 तक 200 बख्तरबंद लड़ाकू वाहन आयात करने है। यह आयात 5,000 करोड़ रुपये का है।

खरीद

वर्ष 2020-21 के लिए रक्षा मंत्रालय ने पूंजी खरीद को घरेलू और विदेशी पूंजी खरीद के रूप में विभाजित किया है। घरेलू खरीद के लिए 52,000 करोड़ रुपये का एक अलग बजट बनाया गया है।

रक्षा खरीद

मार्च 2020 में रक्षा खरीद प्रक्रिया, 2020 का अनावरण किया गया, जिसका उद्देश्य रक्षा उपकरणों के स्वदेशी विनिर्माण को बढ़ाना है। यह “मेक इन इंडिया” पहल का समर्थन करेगा।

रक्षा खरीद प्रक्रिया को 2002 में लागू किया गया था और तब से इसमें कई बार संशोधित किया गया है ताकि घरेलू उद्योग को प्रोत्साहन दिया जा सके और रक्षा विनिर्माण में आत्मनिर्भरता हासिल की जा सके।

इस प्रक्रिया में मुख्य रूप से ऐसी प्रक्रियाएं शामिल हैं जो रक्षा खरीद प्रक्रिया को सरल बनाती हैं और भारतीय सशस्त्र बलों की सभी सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने में भारत को आत्मनिर्भरता हासिल करने में मदद करती हैं।

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