राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स

डीकमीशन किये गये एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विराट को महाराष्ट्र सरकार तैरते हुए संग्राहलय के रूप में परिवर्तित करेगी

महाराष्ट्र राज्य कैबिनेट ने हाल ही में भारतीय नौसेना के सबसे लम्बे समय तक सेवाएं देने वाले एयरक्राफ्ट कैरिएर आईएनएस विराट को तैरते हुए संग्रहालय में परिवर्तित करने का फैसला लिया है। वर्तमान में आईएनएस विराट को मुंबई के नौसैनिक डॉकयार्ड पर रखा गया है। आईएनएस विराट को 2017 में डीकमीशन (सेवानिवृत्त) किया गया था।

मुख्य बिंदु

महाराष्ट्र सरकार की योजना के अनुसार आईएनएस विराट को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत परिवर्तित किया जायेगा। इस एयरक्राफ्ट कैरिएर को सिंधुदुर्ग जिले में मालवण तट के निकट स्थापित किया जायेगा। इसमें जैव विविधता केंद्र तथा समुद्री एडवेंचर केंद्र की स्थापना की जाएगी। इस एयरक्राफ्ट कैरिएर में वर्चुअल गैलरी, कैफेटेरिया तथा मर्चेंट नेवी क्रू के लिए प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना की जाएगी। विश्व भर में केवल 7 एयरक्राफ्ट कैरिएर को संग्रहालय, थीम पार्क तथा लक्ज़री होटल में परिवर्तित किया गया है।

आईएनएस विराट

आईएनएस विराट का निर्माण 1943 में द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान किया गया था, इसे पहली बार HMS हेर्मेस के रूप में ब्रिटिश रॉयल नेवी में नवम्बर, 1959 में कमीशन किया गया था। इसने 1982 में फ़ॉकलैंड युद्ध में हिस्सा लिया था। ब्रिटिश नौसेना ने 1985 में इसे 27 वर्षों के बाद इसे सेवानिवृत्त किया था। बाद में यह भारतीय 30 वर्षों तक भारतीय नौसेना में कार्यरत्त रहा। आईएनएस विराट को 12 मई, 1987 में भारतीय नौसेना में कमीशन किया गया था।
आईएनएस विराट ने 1989 में श्रीलंका में शांति अभियान “ऑपरेशन जुपिटर” में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसने 2001-02 में “ऑपरेशन पराक्रम” हिस्सा लिया था। आईएनएस विराट के नाम विश्व भर में सबसे लम्बे समय तक कार्य करने का रिकॉर्ड है।

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सर्वोच्च न्यायालय में की गयी चार नए न्यायधीशों की नियुक्ति

हाल ही में हेमंत गुप्ता, आर. सुभाष रेड्डी, मुकेश कुमार रसिकभाई शाह तथा अजय रस्तोगी ने सर्वोच्च न्यायालय के न्यायधीशों के रूप में शपथ ली। उन्हें सर्वोच न्यायालय के मुख्य न्यायधीश रंजन गोगोई ने शपथ दिलाई।

मुख्य तथ्य

इन चारों न्यायधीशों को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अनुच्छेद 124 के तहत सर्वोच्च न्यायालय कॉलेजियम की सिफारिश पर की, इस कॉलेजियम में मुख्य न्यायधीश रंजन गोगोई, जस्टिस मदन लोकुर, जस्टिस कुरियन जोसेफ, जस्टिस ए.के. सिकरी तथा जस्टिस एस.ए. बोबडे शामिल हैं। इस नियुक्ति के साथ सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर 28 हो गयी है। सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की अधिकतम संख्या 31 है।
इससे पहले जस्टिस गुप्ता मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, जस्टिस रस्तोगी त्रिपुरा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायधीश, जस्टिस शाह पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायधीश तथा जस्टिस रेड्डी गुजरात उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायधीश थे।

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