राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स

पत्रकार कल्‍याण योजना पर समिति का पुनर्गठन

पत्रकार कल्‍याण योजना (Journalist Welfare Scheme) पर समिति और केंद्रीय प्रेस प्रत्‍यायित समिति (Central Press Accreditation Committee) का सूचना और प्रसारण मंत्रालय (Ministry of Information & Broadcasting) द्वारा पुनर्गठन किया गया है। पत्रकारों को पहली बार पत्रकार कल्‍याण समिति का सदस्‍य बनाया गया है।

– केंद्रीय प्रेस प्रत्‍यायित समिति जो पत्र सूचना कार्यालय (पसूका) के प्रधान महानिदेशक की अध्‍यक्षता में गठित की गयी थी इसमें भारतीय प्रेस परिषद और समाचार प्रसारक संघ (News Broadcasters Association) के प्रतिनिधि सदस्‍यों के रूप में शामिल किये गए हैं।
– सदस्‍यों का कार्यकाल दो वर्ष का है और समिति की बैठक प्रत्‍येक तीन माह में एक बार या इससे अधिक बार होगी।
-प्रभावी कार्य करने के लिये समिति द्वारा कम सदस्‍यों को शामिल किया गया है। समिति में अब केवल सचिव (सूचना और प्रसारण), संयुक्‍त सचिव (कार्मिक एवं प्रशासनिक) और पीआईबी के प्रधान महानिदेशक आधिकारिक सदस्‍य होंगे।
-पत्रकारों को भी समिति का सदस्‍य बनाया गया है। समिति में गैर-औपचारिक सदस्‍यों का कार्यकाल दो वर्ष का होगा। समयबद्ध तरीके से सहायता देने से असंतुष्‍ट पक्षों को लाभ मिलेगा।

पृष्‍ठभूमि

पत्रकार कल्‍याण योजना के लिये बजट 2018-19 में कोष को पाँच गुना बढ़ाकर एक करोड़ किया है, यह 2017-18 में 20 लाख था।इसका उद्देश्‍य पत्रकारों और उनके परिजनों को कठिन परिस्थितियों में एकमुश्‍त अनुकम्‍पा सहायता राशि प्रदान करना है।इसके अंतर्गत पीआईबी/राज्‍य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेशों के प्रत्‍यायित पत्रकारों या ऐसे गैर प्रत्‍यायित पत्रकारों को शामिल किया गया है, जिन्‍होंने कम से कम लगातार 5 वर्षों तक रिपोर्टर, फोटोग्राफर, कैमरामैन, फोटो पत्रकार, समाचार संपादक,स्‍वतंत्र पत्रकार के तौर पर पूर्णकालिक या अंशकालिक कार्य किया है। इसके तहत पत्रकार की मृत्‍यु होने पर उसके परिवार के लिये 5 लाख रुपए तक की सहायता राशि उपलब्‍ध है। इसके अलावा पत्रकार के स्‍थायी अपंग होने पर 5 लाख रुपए तक की और सीजीएचएस या अन्‍य बीमा/स्‍वास्‍थ्‍य योजनाओं के अंतर्गत कवर नहीं की गई गंभीर बीमारी के इलाज के लिये 3 लाख रुपए तक की सहायता राशि प्रदान करने का प्रावधान है।

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विदेश प्रचार और सार्वजनिक कूटनीति प्रभाग ने ‘विदेश आया प्रदेश के द्वार’अभियान शुरू किया |

विदेश मंत्रालय के विदेश प्रचार और सार्वजनिक कूटनीति प्रभाग ने ‘‘विदेश आया प्रदेश के द्वार” अभियान शुरू किया। इस अभियान का लक्ष्य आम नागरिकों को विदेश नीति के लक्ष्यों से अवगत कराना और उनतक कूटनीति की पहुंच बढ़ाना है। विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता (विदेश प्रचार) एवं संयुक्त सचिव रवीश कुमार ने कहा यह पहल हैदराबाद से शुरू की गयी है, जो तेलगु और उर्दू मीडिया का एक प्रमुख केन्द्र है।

मुख्य तथ्य

-विदेश नीति में रुचि रखने वाले मीडिया पेशेवरों का विदेश मंत्रालय एक पूल बनाना चाहता है और उन्हें विदेश मंत्रालय से जोड़ने के लिये उनका मार्गदर्शन करना चाहता है। इस अभियान में विदेश मंत्रालय के साथ देश के विभिन्न शहरों के ऐसे स्थानीय मीडिया को शामिल किया गया है, जिनके पास विस्तृत पाठक वर्ग है।
-विदेश मंत्रालय स्थानीय मीडिया के साथ सीधे संपर्क के जरिये लोगों को सरल शब्दों में विदेशी नीति की प्राथमिकताएं बताना और इनके माध्यम से उन्हें होने वाले लाभों को साझा करना चाहता है।

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