राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स

भारत और बांग्लादेश ने अंतर्देशीय तथा तटीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किये

भारत और बांग्लादेश ने हाल ही में अंतर्देशीय तथा तटीय जलमार्गों की कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किये, इसके व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इस समझौते के तहत भारत वस्तुओं के परिवहन के लिए बांग्लादेश के चत्तोग्राम तथा मोंगला बंदरगाह का उपयोग करेगा। यात्री तथा माल ढुलाई के लिए स्टैण्डर्ड ऑपरेशन ऑफ़ प्रोसीजर पर भी हस्ताक्षर किये गये। इसके अलावा दोनों देशों के बीच अंतर्देशीय जल परिवहन व व्यापार प्रोटोकॉल में भारत के धुबरी और बांग्लादेश के पंगांव बंदरगाह को भी शामिल किया गया है। इस समझौतों से दोनों देशों के बीच वस्तुओं तथा यात्रियों के परिवहन में आसानी होगी। इसके अतिरिक्त दोनों देशों रूपनारायण नदी (राष्ट्रीय जलमार्ग-86) को भी प्रोटोकॉल रूट में शामिल करने का निर्णय लिया है तथा कोलाघाट (पश्चिम बंगाल) तथा चिलमरी (बांग्लादेश) को भी प्रोटोकॉल में शामिल करने का फैसला किया है।

भारत-बांग्लादेश के बीच बंदरगाह को उपयोग सम्बन्धी समझौता

हाल ही में भारत   बांग्लादेश के बंदरगाहों के उपयोग के लिए एक समझौता किया था। इस समझौते के तहत भारत वस्तुओं के परिवहन के लिए बांग्लादेश के चटगाँव और मोंगला बंदरगाह का उपयोग करेगा। समझौते के अनुसार बांग्लादेश में परिवहन के लिए केवल बंगलादेशी वाहनों का ही उपयोग किया जायेगा। भारतीय वस्तुओं का परिवहन चार एंट्री पॉइंट्स से किया जायेगा – अखौर (बांग्लादेश) और अगरतला (भारत), तमाबिल (बांग्लादेश) और दौकी (मेघालय), शेओला (सिल्हेत, बांग्लादेश) और सुतार्कंदी (असम), बिबिरबाज़ार (कमीला, बांग्लादेश) और श्रीमंतापुर (त्रिपुरा)।

इस समझौते के अनुसार भारत को सामान्य शुल्क व व्यापार समझौते (GATT) तथा बांग्लादेश के नियमों का पालन करना होगा और सीमा शुल्क की अदायगी करनी होगी । बांग्लादेश के बंदरगाह का उपयोग करने के लिए भी भारत को फीस चुकानी होगी। सामान को ट्रैक करने के लिए आधुनिक ट्रैकिंग सिस्टम का उपयोग किया जायेगा।

यह समझौते पांच वर्ष तक प्रभावी रहेगा, बाद में इसे और पांच वर्षों के लिए बढ़ाया जा सकता है। हालाँकि दोनों में से कोई भी देश 6 महीने पूर्व नोटिस दे कर इस समझौते को रद्द भी कर सकते हैं। इस समझौते को लागू करने के लिए मानक परिचालन प्रक्रिया (SOP) तैयारी की जाएगी। SOP सभी हिस्सेदारों से विचार-विमर्श के बाद तैयार की जाएगी।

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Transforming Education Conference for Humanity (TECH 2018) का आयोजन आंध्र प्रदेश में किया जायेगा

अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा व तकनीक सम्मेलन Transforming Education Conference for Humanity (TECH 2018) का आयोजन यूनेस्को (MGIEP – Mahatma Gandhi Institute of Education for Peace and Sustainable Development) द्वारा आंध्र प्रदेश के नोवोटेल, विजाग  में 15 से 17 नवम्बर, 2018 के दौरान किया जायेगा। इस सम्मेलन का उद्देश्य खेल और डिजिटल शिक्षा के महत्त्व के बारे में परिचर्चा करना है, यह शांतिपूर्ण तथा सतत समाज की स्थापना में काफी उपयोगी सिद्ध हो सकते हैं। MGIEP यूनेस्को का एशिया-प्रशांत में केटेगरी 1 अनुसन्धान संस्थान है, यह संस्थान सामाजिक-भावनात्मक शिक्षा पर कार्य करता है।

संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (UNESCO)

संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) संयुक्त राष्ट्र संगठन है, जो दुनिया भर में ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों को संरक्षित रखने में मदद करता है. यह फ्रांस में स्थित बहु-राष्ट्र एजेंसी है, जिसकी स्थापना वर्ष 1945 में की गयी थी. यह साक्षरता और यौन शिक्षा के साथ-साथ दुनिया भर के देशों में लैंगिक समानता में सुधार को बढ़ावा देता है. यह विश्व धरोहर स्थलों को पहचानने और प्राचीन खंडहर, गांवों और मंदिरों, और ऐतिहासिक स्थलों जैसे सांस्कृतिक और विरासत स्थलों को संरक्षित करने के लिए भी पहचाना जाता है.

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