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ममता कालिया को प्रदान किया गया व्यास सम्मान 2017

हिंदी साहित्यकार ममता कालिया को व्यास सम्मान 2017 से सम्मानित किया गया। उन्हें यह पुरस्कार गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा ने प्रदान किया। इस सम्मान के तहत उन्हें 3.5 रुपये की धनराशी प्रदान की गयी। उन्हें यह सम्मान उनके उपन्यास “दुक्खम सुक्खम” के लिए दिया गया है। यह उपन्यास वर्ष 2009 में प्रकाशित हुआ था। व्यास सम्मान दस वर्षों में प्रकाशित किसी बेहतरीन रचना के लिए प्रदान किया जाता है।

ममता कालिया

ममता कालिया का जन्म 1940 में वृन्दावन में हुआ था। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से अंग्रेजी में एम.ए. की डिग्री प्राप्त की। 1973 से 2001 तक उन्होंने इलाहबाद में एक डिग्री कॉलेज में कार्य किया। ममता कालिया ने हिंदी तथा अंग्रेजी में कई पुस्तकों की रचना की। ममता कालिया की प्रमुख रचनाएँ हैं : “बेघर”, “जांच अभी जारी है”, “निर्मोही” तथा “बोलने वाली औरत” प्रमुख हैं।  इससे पहले ममता कालिया को यशपाल कथा सम्मान, साहित्य भूषण तथा राम मनोहर लोहिया सम्मान से भी सम्मानित किया जा चुका है।

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संगीतकार खय्याम ने जीता हृदयनाथ लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड

संगीतकार, लेखक तथा राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता संगीत निर्देशक मोहम्मद ज़हूर खय्याम हाशमी ने 2018 हृदयनाथ लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड जीता। उन्हें यह पुरस्कार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडनवीस द्वारा मुंबई में प्रदान किया जायेगा। इस वर्ष यह पुरस्कार हृदयनाथ मंगेशकर के 81वें जन्मदिन पर आयोजित किया जायेगा।

खय्याम

खय्याम ने अपना करियर 1943 में 17 वर्ष की आयु में लुधियाना से शुरू किया था। बाद में उन्होंने संगीत निर्देशकों “शर्माजी-वर्माजी” के मिलकर “हीर रांझा” (1948) फिल्म के लिए काम किया। उन्होंने “फुटपाथ” (1953), “बीवी” तथा “फिर सुबह होगी” (1958) जैसी फिल्मों में भी कार्य किया। 1961 में आई “शोला और शबनम” फिल्म से संगीत निर्देशक के रूप में उनको काफी दृढ़ता मिली। इसके बाद उन्होंने “मोहब्बत इसको कहते हैं” (1965), “आखरी ख़त” (1966), “कभी कभी” (1976), “त्रिशूल” (1978), “नूरी” (1979), “थोड़ी सी बेवफाई” (1980), “दर्द” तथा “अहिस्ता” (1981), “दिल आखिर दिल है” तथा “बाज़ार” (1982) तथा “रज़िया सुल्तान” (1983) जैसी फिल्मों के लिए संगीत दिया। 1981 में उन्होंने उमराव जान फिल्म के लिए काफी संगीत दिया, यह फिल्म उनकी सबसे सफल फिल्मों में से रही, इस फिल्म के लिए उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार तथा फिल्मफेयर अवार्ड भी प्रदान किया गया।

हृदयनाथ मंगेशकर अवार्ड

इस पुरस्कार की स्थापना 2011 में मुंबई की एक सामाजिक-सांस्कृतिक संगठन हृदयनाथ आर्ट ने संगीतकार तथा गायक हृदयनाथ मंगेशकर के सम्मान में की थी। इस अवार्ड के द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में सफल लोगों को सम्मानित किया जाता है। इससे पहले लता मंगेशकर, आशा भोसले, अमिताभ बच्चन, हरिप्रसाद चौरसिया, ए. आर. रहमान को इस पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। हृदयनाथ प्रसिद्ध संगीतकार दीनानाथ मंगेशकर के पुत्र तथा लता मंगेशकर व आशा भोसले के भाई हैं।

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