व्यक्तिविशेष करेंट अफेयर्स

कैलाश सत्यार्थी और ए एस किरण कुमार ‘संतोकबा ह्यूमैनेटेरियन अवार्ड’ के विजेता

वर्ष 2014 में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी और इसरो के पूर्व अध्यक्ष ए एस किरण कुमार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ‘संतोकबा ह्यूमैनेटेरियन अवार्ड’ से सम्मानित किया. पुरस्कार के रूप में दोनों विजेताओं को एक-एक करोड़ रुपए की धन राशि और ट्रॉफी से नवाजा गया. इस कार्यक्रम का आयोजन संजीव कुमार आडीटोरियम, सूरत में हुआ और कार्यक्रम में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद सहित गुजरात के राज्यपाल ओपी कोहली और मुख्यमंत्री विजय रुपाणी भी सम्मिलित थे. अवार्ड से सम्मानित किए जाने पर दोनों विजेताओं ने पुरस्कार के रूप मे मिली धन राशि को दान करने की घोषणा की है.

कैलाश सत्यार्थी और किरण कुमार के बारे में

वर्ष 1954 में मध्य प्रदेश में जन्मे कैलाश सत्यार्थी पेशे से वैद्युत इंजीनियर हैं, किन्तु उन्होने 26 वर्ष की आयु में अपना पेशा छोड़ कर बच्चो के कल्याण के लिए खुद को समर्पित कर दिया था. वर्ष 2014 में इन्हें नोबेल शांति पुरस्कार से भी नवाजा गया. बाल कल्याण के संदर्भ में कैलाश सत्यार्थी ने वर्ष 1980 में ‘बचपन बचाओ’ आन्दोलन की शुरुआत की और इसके बाद से इन्होनें दुनिया भर में 144 देशो के 83,000 से ज्यादा बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए कार्य किया हैं. अब संतोकबा ह्यूमैनेटेरियन पुरस्कार के रूप में मिली धन राशि को भी बच्चों के कल्याण के लिए सुरक्षित बचपन फंड को दान करेंगे.

ए एस किरण कुमार एक प्रसिद्ध वैज्ञानिक है, इन्होनें वर्ष 1975 में इसरो के अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र को अपने भविष्य निर्माण के रूप में चुना. किरण कुमार भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) में अध्यक्ष के पद पर भी रह चुके हैं और इससे पहले इन्होनें अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र, अहमदाबाद के निदेशक का पद भी संभाला था. माननीय किरण कुमार ने महासागर, वातावरण और ग्रह से जुड़े अध्ययनों में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है. इन्होनें मंगल ग्रह की ओर प्र्क्षेपित किए गए मार्स आर्बिटर यान को मंगल की कक्षा में स्थापित करने के लिए भी सफलतापूर्वक रणनीतियां बनाई है.

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , , , , ,

श्री पंकज सरन की उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में नियुक्ति

मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (ACC) ने वरिष्ठ राजनयिक पंकज सरन को उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) नियुक्त किया है. इनका कार्यकाल अनुबंध के आधार पर दो साल का होगा. अपनी नई भूमिका में, श्री पंकज सरन राजिंदर खन्ना के साथ एनएसए अजीत डोभाल की सहायता करेंगे. राजिंदर खन्ना को जनवरी 2018 में उप एनएसए नियुक्त किया गया था.

पंकज सरन

श्री पंकज सरन 1982 बैच के भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी हैं. उन्होंने बांग्लादेश के उच्चायुक्त पद सहित भारत और विदेशों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है. पंकज सरन ने 2007 और 2012 के बीच प्रधान मंत्री कार्यालय में संयुक्त सचिव के रूप में भी अपनी सेवाएं दी है. उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में उनकी नियुक्ति से पहले, वे नवंबर 2015 से रूस में भारत के राजदूत के रूप में सेवारत्त थे. उनकी पत्नी प्रीती सरन भी विदेश मंत्रालय में सचिव हैं.

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए)

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (एनएससी) के मुख्य कार्यकारी और राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मुद्दों पर प्रधान मंत्री के प्राथमिक सलाहकार हैं और रणनीतिक मुद्दों की भी देखरेख करते हैं. एनएसए अधिकारी तंत्र का एक प्रमुख और शक्तिशाली कार्यालय है. एनएसए को एक उप एनएसए द्वारा सहायता दी जाती है. यह पद नवंबर 1998 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार द्वारा बनाया गया था और ब्रजेश मिश्रा को भारत का पहला एनएसए नियुक्त किया गया था.

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , , ,

Advertisement