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विंग कमांडर अभिनन्दन को वीर चक्र से सम्मानित किया जायेगा

पाकिस्तान के F-16 विमान को मार गिराने वाले विंग कमांडर अभिनन्दन को वीर चक्र से सम्मानित किया जायेगा। गौरतलब है कि विंग कमांडर अभिनन्दन एकमात्र पायलट हैं जिन्होंने F-16 जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमान को बहुत पुराने मिग-21 बाईसन से मार गिराया है। उस दौरान अभिनन्दन स्क्वाड्रन नंबर 51 में तैनात थे।

वीर चक्र

वीर चक्र एक सैन्य सम्मान है, यह युद्ध क्षेत्र में वीरता के प्रदर्शन के लिए प्रदान किया जाता है। इसकी शुरुआत 1947 में हुई थी। अब तक 1322 लोगों को वीर चक्र प्रदान किया गया है। अंतिम बार 1999 में वीर चक्र प्रदान किया गया था।

अभिनन्दन वर्तमान

विंग कमांडर अभिनन्दन भारतीय वायुसेना में कार्यरत्त हैं, वे हाल ही में सुर्ख़ियों में आये हैं। पुलवामा में आतंकी हमले के पश्चात् भारत ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को नष्ट करने के लिए बालाकोट में एयरस्ट्राइक की थी। इस एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने जम्मू-कश्मीर में घुसपेठ करने का प्रयास किया। पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों को रोकने के लिए विंग कमांडर अभिनन्दन को मिग-21 लड़ाकू विमान में भेजा गया। विंग कमांडर अभिनन्दन ने बेहद पुराने मिग 21 लड़ाकू विमान से पाकिस्तान के आधुनिक लड़ाकू विमान F-16 को मार गिराया, इस दौरान अभिनन्दन भी दुर्घटना का शिकार हो गये और उनका विमान पाक-अधिकृत कश्मीर में जा गिरा। यह घटना 27 फरवरी को हुई थी। उन्हें पाकिस्तानी सेना द्वारा गिरफ्तार किया गया, परन्तु बाद में उन्हें भारत को सौंपा गया था।

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इसरो ने डॉ. विक्रम साराभाई की जन्म शताब्दी के अवसर पर कार्यक्रम लांच किये

भारतीय अन्तरिक्ष अनुसन्धान संगठन (इसरो) ने 12 अगस्त, 2019 से वर्ष भर चलने वाले कार्यक्रम लांच किये हैं। कार्यक्रम का आरम्भ अहमदाबाद में गुजरात यूनिवर्सिटी के कन्वेंशन हॉल में हुआ, इसमें इसरो, अन्तरिक्ष विभाग तथा परमाणु उर्जा विभाग के गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर डॉ. विक्रम साराभाई की स्मृति में सिक्के जारी किये गये।  इस अवसर पर “स्पेस ऑन व्हील्स” नामक प्रदर्शनी भी आयोजित की गयी। इसरो ने डॉ. विक्रम साराभाई के जीवन पर कॉफ़ी टेबल बुक तथा फोटो एल्बम भी जारी की।  इस कार्यक्रम का समापन 12 अगस्त, 2020 को तिरुवनंतपुरम में होगा।

रोचक तथ्य : भारत में मिशन चंद्रयान-2 के लैंडर का नाम डॉ. विक्रम साराभाई के नाम पर “विक्रम” रखा गया है।

डॉ. विक्रम साराभाई

  • उनका जन्म 12 अगस्त, 1919 को अहमदाबाद में हुआ था।
  • उन्होंने गुजरात कॉलेज तथा यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैंब्रिज से अपनी पढ़ाई पूरी की।
  • इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट, अहमदाबाद की स्थापना में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
  • उन्हें शांति स्वरुप भटनागर पुरस्कार (1962) पद्म भूषण (1966) तथा पद्म विभूषण (1972) से सम्मानित किया गया था।
  • वे 1962 में भारतीय विज्ञान कांग्रेस के भौतिकविज्ञान सेक्शन के अध्यक्ष रहे। 1970 में वे अंतर्राष्ट्रीय परमाणु उर्जा एजेंसी की जनरल कांफ्रेंस के अध्यक्ष रहे। 1966-71 के बीच वे भारतीय परमाणु उर्जा आयोग के चेयरमैन रहे। वे स्पेस एप्लीकेशन्स सेंटर (1963-71) के संस्थापक व चेयरमैन थे।
  • डॉ. विक्रम साराभाई का निधन 30 दिसम्बर, 1971 को केरल के तिरुवनंतपुरम में हुआ था।

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