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रोमिला थापर को अमेरिकन फिलोसोफिकल सोसाइटी का सदस्य चुना गया

इतिहास व लेखिका रोमिला थापर को अमेरिकन फिलोसोफिकल सोसाइटी का अंतर्राष्ट्रीय सदस्य चुना गया है।

रोमिला थापर

रोमिला थापर नई दिल्ली में जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय में इतिहास की अवकाशप्राप्त प्रोफेसर हैं।

उन्होंने सम्राट अशोक तथा मौर्यकालीन युग के अध्ययन के लिए जाना जाता है। रोमिला थापर उन 1013 लोगों में से एक हैं, जिन्हें अमेरिकन फिलोसोफिकल सोसाइटी की एनुअल स्प्रिंट मीटिंग में सदस्य चुना गया है।

अमेरिकन फिलोसोफिकल सोसाइटी

यह अमेरिका की सबसे पुरानी सोसाइटीज में से एक है। इसकी स्थापना बेंजामिन फ्रेंक्लिन ने 1743 में की थी, इसका उद्देश्य उपयोगी ज्ञान को बढ़ावा देना था। यह विचारों के आदान-प्रदान के लिए फोरम उपलब्ध करवाती है।

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ग्रेटा थनबर्ग ने एमनेस्टी इंटरनेशनल का “एम्बेसडर ऑफ़ कॉनसाइंस” अवार्ड 2019 जीता

16 वर्षीय ग्रेटा थनबर्ग ने एमनेस्टी इंटरनेशनल का “एम्बेसडर ऑफ़ कॉनसाइंस” अवार्ड 2019 जीता, उन्हें यह सम्मान ग्लोबल वार्मिंग के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए दिया जा रहा है

ग्रेटा थनबर्ग

ग्रेटा थनबर्ग का जन्म 3 जनवरी, 2003 को स्वीडन में हुआ था। उन्होंने स्वीडन की संसद के समक्ष पेरिस समझौते के मुताबिक कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए विरोध प्रदर्शन किया था। इसके लिए उन्होंने स्कूल न जा कर संसद के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने विश्व के अन्य देशों में छात्रों को प्रेइर्ट किया। दिसम्बर, 2018 तक विश्व के 270 शहरों में 20,000 में स्कूलों में हड़ताल की। ग्रेटा को स्टॉकहोल्म में टेड टॉक में संबोधन देने के लिए भी आमंत्रित किया जा चुका है।

स्वीडन की 16 वर्षीय ग्रेटा थनबर्ग को 2019 नोबेल शांति पुरस्कार के लिए मनोनीत किया गया है। ग्रेटा पर्यावरण की सुरक्षा के लिए कार्य करती हैं। ग्रेटा स्कूल स्ट्राइक फॉर क्लाइमेट मूवमेंट की संस्थापक हैं। इस आन्दोलन की शुरुआत पिछले वर्ष हुई थी, जब ग्रेटा ने स्वीडिश संसद के बाहर अकेले विरोध प्रदर्शन किया था। उन्होंने जलवायु परिवर्तन पर कार्य करने के लिए छात्रों को विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए प्रेरित किया। यदि ग्रेटा इस पुरस्कार को जीत जाती हैं तो वे नोबेल शांति पुरस्कार की सबसे युवा विजेता बन जायेंगी। इससे पहले मलाला यूसुफ़जई ने 2014 में 17 वर्ष की आयु में नोबेल शांति पुरस्कार जीता था। नोबेल शांति पुरस्कार के विजेता की घोषणा अक्टूबर, 2019 में की गयी थी।

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