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बेंगलुरु में स्थापित होगी, देश की पहली ई-कचरा रीसाइक्लिंग यूनिट

भारत की पहली ई-कचरा रीसाइक्लिंग इकाई बेंगलुरु, कर्नाटक में स्थापित की जाएगी. यह इकाई सालाना अनुमानित एक लाख टन इलेक्ट्रॉनिक कचरे का उत्पादन करेगी. रसायन और उर्वरक मंत्रालय स्वच्छ भारत अभियान पर ध्यान केन्द्रित रखते हुये लगभग चार महीनों के समय में इस इकाई की स्थापना कर देगा.

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हाल ही में केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री अनंत कुमार ने इस बात कि घोषणा की है, कि देश की पहली ई-कचरा रीसाइक्लिंग इकाई बेंगलुरु में स्थापित की जाएगी. केन्द्रीय प्लास्टिक इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी संस्थान (CIPET), जो एक शोध संस्थान है तथा रसायन और उर्वरक मंत्रालय के अधीन आती है, अगले चार महीनों में इकाई की स्थापना  करेगी.  इस ई-अपशिष्ट रीसाइक्लिंग इकाई को स्थापित करने का मुख्य उद्देश्य अपशिष्ट इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से उत्पन्न प्लास्टिक कचरे के रीसाइक्लिंग के लिए एक संपूर्ण समाधान प्रदान करना है. 2016 में किये गए एक अद्धयन के अनुसार भारत ई-कचरा उत्पादित करने वाले शीर्ष पांच देशों में भी शामिल है तथा भारत में प्रत्येक वर्ष लगभग 1.85 मिलियन टन ई-कचरा उत्पादित होता है. दिल्ली और मुंबई के बाद ई-कचरा उत्पादन के मामले में बेंगलुरु भारत में तीसरे स्थान पर रहा. यहाँ सालाना अनुमानित एक लाख टन इलेक्ट्रॉनिक कचरे का उत्पादन होता है.

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राजस्थान में शुरू की गई ‘अन्नपूर्णा दूध योजना’

2 जुलाई 2018 को राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने जिले के दहमीकलां गांव (बगरू विधानसभा क्षेत्र में स्थित) के एक स्कूल में बच्चों को दूध वितरित कर ‘अन्नपूर्णा दूध योजना’ की शुरुआत की. इस योजना के अनुसार राजस्थान के सरकारी स्कूलों में आठवीं कक्षा तक पढ़ने वाले सभी बच्चों को सप्ताह में तीन दिन गर्म दूध दिया जाएगा.

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योजना में 66 हजार स्कूलों सहित सैकड़ों मदरसों का नाम शामिल है. तथा इस योजना से 62 लाख सरकारी स्कूलों के बच्चे और 4 लाख मदरसों के बच्चे लाभांवित्त किए जाएंगे. इस योजना का उदेश्य बच्चों का किसी भी तरह के कुपोषण से बचाव तथा उनमें सही मात्रा में प्रोटीन की उपलब्धता करना है. योजना के कारण सरकारी स्कूलों में बच्चों के नामांकन बढ़ने का अंदेशा लगाया जा रहा है. राजस्थान सरकार ने दूध के इंतजाम का जिम्मा डेयरी विभाग के अधीन आने वाली सरस डेरी को दिया है, जो ताजा और गर्म दूध बच्चों को मिड डे मील के साथ देगी. इस योजना के लिए अलग से बजट का आवंटन भी किया गया है जिसकी घोषणा वसुंधरा राजे ने शुरुआत में ही कर दी थी.

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