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गोपाबंधु संसद स्वास्थ्य बीमा योजना

गोपाबंधु संसद स्वास्थ्य बीमा योजना ओडिशा में राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई पत्रकारों के लिए एक नई स्वास्थ्य बीमा योजना है. यह योजना राज्य के सभी कार्यकारी पत्रकारों को प्रति वर्ष 2 लाख रूपये का स्वास्थ्य बीमा कवरेज प्रदान करती है.

मुख्य तथ्य

गोपाबंधु संसद स्वास्थ्य बीमा योजना 1 जून, 2018 से लागू हुई है, और शुरुआत में इसमें लगभग 3200 पत्रकारों और उनके परिवार के सदस्यों को विभिन्न मीडिया समूहों से शामिल किया जाएगा. यह बीमा कवरेज सरकारी और निजी अस्पतालों में नकदी रहित उपचार के लिए लागू होगा. इस योजना में पत्रकारों द्वारा उनके कर्तव्यों का पालन करते समय चोटों और बीमारियों को भी शामिल किया गया है.

इस योजना का नाम गोपालबंधु दास (1877-1928) के नाम पर रखा गया है, जो ओडिशा के एक प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता, समाज सुधारक, राजनीतिक कार्यकर्ता, पत्रकार, कवि निबंधक थे. ओडिशा में कला, संस्कृति और समाज में उनके योगदान ने उन्हें उत्कलमनी (ओडिशा का गहना) का प्रतीक दिया है. पत्रकारिता में उनका योगदान कम लेकिन उल्लेखनीय था. 1910 के दशक में, उन्होंने सत्यबाई नामक एक मासिक साहित्यिक पत्रिका लॉन्च की थी जिसके माध्यम से उन्होंने जनता को शिक्षित करने का प्रयास किया था.

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केंद्र सरकार ने गठित किया कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण

उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार, केंद्र सरकार ने तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल और पुडुचेरी के बीच नदी के पानी के बंटवारे पर विवाद का समाधान करने के लिए कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CMA) का गठन किया है. फरवरी, 2018 के फैसले में, सुप्रीम कोर्ट ने छह सप्ताह के भीतर केंद्र सरकार को प्राधिकरण बनाने के लिए निर्देश दिया था और इसी फैसले में, कावेरी जल की कर्नाटक के हिस्से में मामूली वृद्धि भी की गयी थी.

प्राधिकरण की संरचना और शक्तियाँ

प्राधिकरण में एक अध्यक्ष, एक सचिव और आठ सदस्य शामिल होंगे. आठ सदस्यों में से दो पूर्णकालिक, जबकि दो केंद्र के पक्ष से अंशकालिक सदस्य होंगे और बाकी चार राज्यों के अंशकालिक सदस्य होंगे. कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण का मुख्य उदेश्य कावेरी जल के भंडारण, विभाजन, विनियमन और नियंत्रण के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के कार्यान्वयन और अनुपालन को सुनिश्चिति देना है.

प्राधिकरण पिछले वर्ष के दौरान अपनी गतिविधियों को समाहित करने वाली एक वार्षिक रिपोर्ट भी तैयार करेगा. कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण के साथ सरकार ने कावेरी जल नियामक समिति का भी गठन किया है. यह नियामक समिति उच्चतम न्यायालय और कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण के आदेशों को लागू करेगी.

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