स्थानविशेष करेंट अफेयर्स

भौगोलिक संकेत (जीआई) रजिस्ट्री: बासमती उत्पादक क्षेत्र हेतु मध्य प्रदेश का दावा ख़ारिज

मध्य प्रदेश के खुद को पारंपरिक बासमती उत्पादक क्षेत्र में शामिल किये जाने संबंधी दावे को भौगोलिक संकेत (जीआई) रजिस्ट्री ने खारिज कर दिया है भौगोलिक संकेत (जीआई) रजिस्ट्री के अनुसार बासमती के लिये जीआई टैग गंगा के मैदानी क्षेत्र वाले खास हिस्से हेतु प्रदान किया गया है और मध्य प्रदेश इस क्षेत्र में नहीं आता है। अतः उसे जीआई टैग नहीं दिया जा सकता। पूसा बासमती-1 किस्म का 50 प्रतिशत उत्पादन क्षेत्र मध्य प्रदेश के अंतर्गत आता है। मध्य प्रदेश सरकार ने मांग की थी कि इसके 13 ज़िलों – विदिशा, रायसेन, मोरेना, भिंड, श्योपुर, ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, गुना, सेहोर, होशंगाबाद, नरसिंहपुर और जबलपुर को बासमती धान के लिये जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की तरह भौगोलिक संकेत (जीआई) टैग दिया जाए, लेकिन इस दावे को भौगोलिक संकेत (जीआई) रजिस्ट्री ने खारिज कर दिया है ।

भौगोलिक संकेत (जीआई) टैग

यह किसी उत्पाद की उत्पत्ति अथवा किसी विशेष क्षेत्र द्वारा उसकी उत्पत्ति को दर्शाता है भौगोलिक संकेत टैग प्रदान करना किसी विशिष्ट उत्पाद के उत्पादक को संरक्षण प्रदान करता है जो कि उनके मूल्यों को घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाज़ारों में निर्धारित करने में सहायता करता है। बौद्धिक संपदा अधिकारों के व्यापार संबंधी पहलुओं में भौगोलिक संकेत को शामिल किया जाता है।

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , , ,

मध्य प्रदेश ग्रामीण कनेक्टिविटी परियोजना के लिए भारत सरकार ने विश्व बैंक के साथ 210 मिलियन डॉलर के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए

मध्य प्रदेश ग्रामीण कनेक्टिविटी परियोजना के लिए भारत सरकार, मध्य प्रदेश सरकार और विश्व बैंक ने 210 मिलियन डॉलर के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए। ग्रामीण इलाकों में इस परियोजना से परिवहन के सुचारु, लचीलापन और सुरक्षा में सुधार होने की उम्मीद है और राज्य के ग्रामीण सड़कों के नेटवर्क को प्रबंधित करने की क्षमता में वृद्धि होगी।

मध्य प्रदेश ग्रामीण कनेक्टिविटी परियोजना

मध्य प्रदेश में यह परियोजना ग्रामीण सड़कों के 10,510 किमी क्षेत्र को कवर करेगी जो मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना (सीएमजीएसवाई) कार्यक्रम के तहत आती है। 10,000 किलोमीटर को मौजूदा बजरी बिटुमिनस सतह सड़कों तक अपग्रेड किया जाएगा, जबकि 510 किमी नई सड़कों को एक ही बिटुमिनस सतह मानक के लिए बनाया जाएगा।
इससे राज्य में ग्रामीण सड़क कनेक्टिविटी में वृद्धि होगी जो राज्य के लाभार्थी समुदायों के लिए आर्थिक विकास और सामाजिक सेवाओं तक पहुंच के अवसरों को खोल देगा और गरीबी को कम करने में मदद करेगा।
यह परियोजना सड़क दुर्घटना डेटाबेस प्रबंधन प्रणाली (आरएडीएमएस) के कार्यान्वयन के माध्यम से केंद्रीय और राज्य स्तर पर सड़क दुर्घटना डेटा संग्रह और विश्लेषण में सुधार पर ध्यान केंद्रित करेगी।

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , , ,

Advertisement