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जनजातीय मामले के मंत्रालय ने प्रायोगिक आधार पर वन धन विकास केंद्र की स्थापना को मंज़ूरी दी

छत्तीसगढ़ राज्य के बीज़ापुर जिले में जनजातीय मामले के मंत्रालय ने प्रायोगिक आधार पर पहले बहुद्देश्यीय “वन धन विकास केंद्र” की स्थापना को मंज़ूरी दी है। कौशल उन्नयन तथा क्षमता निर्माण प्रशिक्षण प्रदान करने के साथ-साथ प्राथमिक प्रस्संकरण एवं मूल्य संवर्द्धन सुविधा केंद्र की स्थापना करना इस केंद्र की स्थापना का मुख्य लक्ष्य है।

मुख्य तथ्य

o वन धन विकास केंद्र मॉडल के कार्यान्वयन, प्रशिक्षण, प्राथमिक स्तर पर प्रसंस्करण के लिये उपकरण तथा औज़ार उपलब्ध कराने और केंद्र की स्थापना के लिये बुनियादी ढाँचे तथा भवन निर्माण हेतु 43.38 लाख रुपए का आवंटन किया जाएगा।
o इस केंद्र में आरंभ में टेमारिंड ईंट निर्माण, महुआ फूल भंडारण केंद्र तथा चिरौंजी को साफ करने एवं पैकेजिंग के लिये प्रसंस्करण सुविधा होगी।
o सीजीएमएफपी फेडरेशन को टीआरआईएफईडी ने छत्तसीगढ़ के बीजापुर ज़िले में इस प्रायोगिक विकास केंद्र की स्थापना का कार्य सौंपा है तथा बीजापुर के कलेक्टर समन्वय का कार्य करेंगे।
o टीआरआईएफईडी द्वारा जनजातीय लाभार्थियों के चयन एवं स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) के निर्माण का कार्य आरंभ किया गया है। 10 अप्रैल, 2018 से इसका प्रशिक्षण आरंभ होने का अनुमान है।
o आरंभ में एक पंचायत भवन में वन धन विकास केंद्र की स्थापना की जा रही है जिससे कि प्राथमिक प्रक्रिया की शुरुआत एसएचजी द्वारा की जा सके। इसके अपने भवन के पूर्ण होने के बाद केंद्र उसमें स्थानांतरित हो जाएगा।
o एमएफपी के संग्रह में शामिल जनजातियों के आर्थिक विकास में वन धन विकास केंद्र एक महत्त्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा जो उन्हें प्राकृतिक संसाधनों का ईष्टतम उपयोग करने और एमएफपी समृद्ध ज़िलों में टिकाऊ एमएफपी आधारित आजीविका उपयोग करने में उनकी सहायता करेंगे।

वन क्षेत्र में रहने वाले जनजातियों के लिये गौण वन उपज (एमएफपी) आजीविका का प्रमुख स्रोत हैं। समाज के इस वर्ग के लिये एमएफपी के महत्त्व का अनुमान इसी तथ्य से लगाया जा सकता है कि वन में रहने वाले लगभग 100 मिलियन लोग भोजन, आश्रय, औषधि एवं नकदी आय के लिये एमएफपी पर निर्भर करते हैं।

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सॉफ्ट ड्रिंक्स पर ब्रिटेन ने ‘शुगर टैक्स’ लगाया

सॉफ्ट ड्रिंक्स पर ब्रिटेन ने ‘शुगर टैक्स’ लगाया है। बच्चों में मोटापे की समस्या से निपटने के लिए सरकार ने ये टैक्स लगाया है। इससे बिट्रेन में सॉफ्ट ड्रिंक्स महंगे हो जाएंगे। यह सरकार के मोटापा तथा सुगर से संबंधित अन्य बीमारियों से लड़ने की योजना का हिस्सा है और इससे जुटाए गए पैसे से स्कूलों में बच्चों के लिए खेलकूद की सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इससे सरकार को 2195 करोड़ रुपए की आय होने की उम्मीद है।

पृष्ठभूमि

इस टैक्स का एलान ब्रिटेन ने मार्च 2016 में किया था। प्रति लीटर 50 ग्राम तक चीनी वाले पेय पर 18 पेंस प्रति लीटर (16.47 रुपए) और 80 ग्राम या उससे अधिक चीनी के स्तर वाले पेय उत्पादों पर 24 पेंस (22 रुपए) प्रति लीटर के हिसाब से इसके तहत कर देय होगा।
ब्रिटेन के पूर्व चांसलर जॉर्ज ऑस्ब्रोन ने इसका एलान किया था। इसकी वसूली ब्रिटेन के शीतल पेय विनिर्माताओं से की जाएगी। विनिर्माता चाहें तो इस कर का बोझ उपभोक्ताओं पर डाल सकते हैं।

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