विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स

वैज्ञानिकों का दावा चिली में मिला छह इंच का बेहद छोटा कंकाल एलियन का नहीं |

वैज्ञानिक अध्ययनों के बाद इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि चिली में एक खुदाई के दौरान मिला छह इंच का बेहद छोटा कंकाल एलियन का नहीं है। विशेषज्ञ अब इस कंकाल पर नए सिरे से अध्ययन करेंगे। हड्डियों के डीएनए अध्ययन से पता चलता है कि अवशेष वास्तव में मानव के हैं।

मुख्य तथ्य

-2003 में चिली के अटाकामा में यह कंकाल मिला था। अध्ययन से पता चला था कि कंकाल में सिर्फ 10 पसलियां हैं।
-वैज्ञानिक इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि यह एक लड़की का कंकाल है जो बौनी थी। स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी ,कैलिफोर्निया और सैन फ्रांसिस्को के विशेषज्ञों ने आनुवंशिक परीक्षणों के आधार पर यह दावा किया है। इस लड़की की मौत 40 साल पहले हुई थी।
-इस कंकाल को स्पेन में एक कलेक्टर ने खोजा था। यह कंकाल नाइट्रेट की खदान के पास से बरामद हुआ था।

वैज्ञानिकों तथा विशेषज्ञों की राय

वैज्ञानिकों का अनुमान कंकाल को देखकर यह है कि लड़की की उम्र छह से आठ साल के बीच रही होगी, जब उसकी मृत्यु हुई। यूसीएसएफ शोधकर्ता संचीता भट्टाचार्य ने कहा कि उन्हें लड़की के डीएनए में 64 जीन मिले, जिनके हानिकारक होने की आशंका थी। विशेषज्ञों कहते है कि बच्ची में विकृति नाइट्रेट के कारण हो सकती है। आनुवांशिक विश्लेषण के बावजूद लड़की की खोपड़ी एक रहस्य बनी हुई है।

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फ्लोरिमीटर: परमाणु ऊर्जा विभाग ने पानी में यूरेनियम की मात्रा को मापने के लिए उपकरण विकसित किया |

परमाणु ऊर्जा विभाग (डीएई) की एक इंदौर स्थित इकाई, उन्नत प्रौद्योगिकी संस्थान (आरआरसीएटी) ने पानी में यूरेनियम की मात्रा को मापने के लिए फ्लोरिमीटर नामक एक यंत्र विकसित किया है।

मुख्य तथ्य

-यह डिवाइस 0.1 पीपीबी (पार्ट-प्रति-बिलियन) यूनिट से 100 पीपीबी के पानी के नमूने में यूरेनियम की जांच करने में सक्षम है।
-यह आसानी से कहीं भी ले जाया जा सकता है
-इसकी लागत लगभग 1 लाख रुपये है इस उपकरण के बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए, डीएई ने अपनी दूसरी इकाई, इलेक्ट्रॉनिक्स कार्पोरेशन ऑफ -इंडिया लिमिटेड (ईसीआईएल) को अपनी तकनीक को स्थानांतरित कर दी है।
-यह उपकरण विशेष रूप से पंजाब जैसे क्षेत्रों में सहायक होगा जहां जल स्रोतों में यूरेनियम की मात्रा खतरनाक स्तर पर है।

यूरेनियम प्रदूषण

यूरेनियम एक रेडियोधर्मी तत्व है परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड (एईआरबी) ने पीने के पानी के लिए 60 पीपीबी यूरेनियम की एकाग्रता के लिए टीपीर्मिबल रेडियोलोजी की सीमा तय की है। लोगों को सलाह दी जाती है कि वे स्रोतों से पानी का उपयोग न करें, जहां यूरेनियम की मात्रा निश्चित सीमा से अधिक हो। उच्च स्तर के यूरेनियम की मात्रा वाले पानी पीने से मानव स्वास्थ्य में रेडियोलॉजिकल और रासायनिक जोखिम बढ़ते हैं। इससे थायरॉइड कैंसर, रक्त कैंसर, अवसाद और अन्य गंभीर बीमारियाँ हो सकती है |

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