विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स

चंद्रयान 3 : भारत नवम्बर 2020 तक चन्द्रमा पर दूसरी बार लैंडिंग का प्रयास करेगा

भारतीय अन्तरिक्ष अनुसन्धान संगठन ने नवम्बर 2020 तक चन्द्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग के प्रयास की घोषणा की है। हाल ही में इसरो का चंद्रयान-2 मिशन चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करने में नाकाम रहा था। सॉफ्ट लैंडिंग के समय इसरो का लैंडर विक्रम से सम्पर्क टूट गया था। हालांकि चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर अभी भी अपना कार्य पूर्ण कुशलता के साथ कर रहा है और यह लगातार चन्द्रमा की हाई रेजोल्यूशन तस्वीरें इसरो को भेज रहा है।

मिशन चंद्रयान-2

चंद्रयान-2 भारत का चंद्रमा पर दूसरा मिशन है, यह भारत का अब तक का सबसे मुश्किल मिशन है। यह 2008 में लांच किये गए मिशन चंद्रयान का उन्नत संस्करण है। चंद्रयान मिशन ने केवल चन्द्रमा की परिक्रमा की थी, परन्तु चंद्रयान-2 मिशन में चंद्रमा की सतह पर एक रोवर भी उतारा जाना था।

इस मिशन के सभी हिस्से इसरो ने स्वदेश रूप से भारत में ही बनाये हैं, इसमें ऑर्बिटर, लैंडर व रोवर शामिल है। इस मिशन में इसरो पहली बार चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड रोवर को उतारने की कोशिश की। यह रोवर चंद्रमा की सतह पर भ्रमण करके चन्द्रमा की सतह के घटकों का विश्लेषण करने के लिए निर्मित किया गया था।

चंद्रयान-2 को GSLV Mk III से लांच किया गया। यह इसरो का ऐसा पहला अंतर्ग्रहीय मिशन है, जिसमे इसरो ने किसी अन्य खगोलीय पिंड पर रोवर उतारने का प्रयास किया। इसरो के स्पेसक्राफ्ट (ऑर्बिटर) का वज़न 3,290 किलोग्राम है, यह स्पेसक्राफ्ट चन्द्रमा की परिक्रमा करके डाटा एकत्रित करेगा, इसका उपयोग मुख्य रूप से रिमोट सेंसिंग के लिए किया जा रहा है।

6 पहिये वाला रोवर चंद्रमा की सतह पर भ्रमण करके मिट्टी व चट्टान के नमूने इकठ्ठा करने के लिए बनाया गया था, इससे चन्द्रमा की भू-पर्पटी, खनिज पदार्थ तथा हाइड्रॉक्सिल और जल-बर्फ के चिन्ह के बारे में जानकारी मिलने की सम्भावना थी।

Categories:

Month:

Tags: , , , , , , ,

जापानी स्पेसक्राफ्ट हायाबुसा 2 ने रयुगु क्षुद्रग्रह से घर वापसी की यात्रा शुरू की

जापान के हायाबुसा 2 स्पेसक्राफ्ट ने रयुगु क्षुद्रग्रह अपना शोधकार्य पूरा कर लिया है। यह क्षुद्रग्रह पृथ्वी से लगभग 300 मिलियन किलोमीटर दूर स्थित है। इस स्पेसक्राफ्ट ने रयुगु की सतह से नमूने एकत्रित किये है। एक वर्ष तक रयुगु क्षुद्रग्रह पर शोधकार्य करने के बाद अब यह स्पेसक्राफ्ट पृथ्वी पर लौटने की तैयारी कर रहा है।

हायाबुसा 2

हायाबुसा 2 जापानी अन्तरिक्ष एजेंसी द्वारा भेजा गया मिशन है। इससे पहले हायाबुसा नाम से एक अन्य मिशन भेजा गया था जो 2010 में क्षुद्रग्रह के नमूने लेकर वापस आया था। हायाबुसा 27 जून, 2018 को रयुगु क्षुद्रग्रह पर पहुंचा था। यह डेढ़ वर्ष तक रयुगु क्षुद्रग्रह का अध्ययन करेगा तथा बाद में नमूने वापस लेकर पृथ्वी पर लौटेगा। यह मिशन संभवतः दिसम्बर, 2020 तक पृथ्वी पर सैंपल लेकर वापस लौटेगा।

रयुगु क्षुद्रग्रह

रयुगु क्षुद्रग्रह पृथ्वी के निकट मौजूद है, यह अपोलो समूह का क्षुद्रग्रह है। इससे सौर प्रणाली से सम्बंधित काफी महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। इससे ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति तथा विकास के बारे में जानकारी मिल सकती है।

Categories:

Month:

Tags: , , , , , , ,

Advertisement